मध्य प्रदेश

इंदौर ICU में बवाल डॉक्टरों से मारपीट का आरोप

Kavita2
26 Aug 2026 3:50 PM IST
इंदौर ICU में बवाल डॉक्टरों से मारपीट का आरोप
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इंदौर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित सरकारी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मंगलवार शाम एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला मरीज की मौत से नाराज उसके रिश्तेदारों ने अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की और इलाज में इस्तेमाल होने वाले जीवन रक्षक उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया।

मृतक महिला की पहचान 60 वर्षीय ताहिरा कपाड़िया के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, ताहिरा कपाड़िया की तबीयत गंभीर होने के बाद उन्हें सरकारी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी और उनका इलाज चल रहा था।

बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम अस्पताल की छठी मंजिल पर स्थित ICU में करीब 7 बजे इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। जैसे ही परिवार और रिश्तेदारों को महिला की मौत की जानकारी मिली, वे अस्पताल में पहुंच गए और इलाज को लेकर डॉक्टरों तथा नर्सिंग स्टाफ से सवाल करने लगे।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, शुरुआती बातचीत के बाद मामला विवाद में बदल गया। परिजनों ने कथित तौर पर डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि कुछ रिश्तेदारों ने अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

घटना के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ICU जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हंगामे से वहां भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी डर का माहौल पैदा हो गया। अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि उपद्रव करने वालों ने इलाज में इस्तेमाल होने वाले कुछ महत्वपूर्ण उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया।

स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमले की घटनाओं को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की मौत का दुख परिवार के लिए बेहद कठिन समय होता है, लेकिन किसी भी स्थिति में अस्पताल कर्मचारियों के साथ हिंसा करना उचित नहीं है।

घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।

अस्पताल प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि इलाज के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं। मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस भी मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों की जांच कर रही है।

इस घटना के बाद अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन मौजूद रहते हैं, ऐसे में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

चिकित्सा संगठनों ने भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मरीजों की जान बचाने के लिए काम करते हैं। इलाज के दौरान किसी मरीज की मौत हो जाना दुखद है, लेकिन इसके लिए बिना जांच के स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदार ठहराकर हिंसा करना गलत है।

वहीं, मृतक महिला के परिवार की ओर से अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिजनों का कहना है कि वे घटना को लेकर अपनी बात जांच एजेंसियों के सामने रखेंगे।

फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या फिर विवाद केवल गलतफहमी के कारण हुआ। घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों के परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच बेहतर संवाद और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।

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