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MP में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, CM ने तुरंत मदद का निर्देश दिया

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलेक्टरों को प्रभावित इलाकों में जाकर नुकसान का आकलन करने और किसानों को तुरंत राहत मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार मुश्किल समय में किसानों के साथ खड़ी है और प्रभावित किसानों को हर संभव मदद दी जाएगी।
अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ राजगढ़, रायसेन और बैतूल जिलों के कई हिस्सों में तेज़ बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया। गेहूं, चना और सरसों की कटाई प्रभावित हुई और कई जगह खेतों में पानी जमा हो गया। किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना ने कहा कि सरकार को प्रभावित किसानों को तुरंत राहत देने के साथ-साथ गेहूं की खरीद मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) पर सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश और ओलावृष्टि की वजह से गेहूं की चमक फीकी पड़ गई है, लेकिन इसका असर किसानों की आमदनी पर नहीं पड़ना चाहिए।
अंजना ने आगे कहा कि रीवा, पन्ना, सतना और ग्वालियर क्षेत्र में कटाई अभी भी जारी है। इन इलाकों में किसानों की फसल बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है, जिससे उनके लिए फसल सुरक्षा और उचित मूल्य की अहमियत और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को तात्कालिक राहत देने के लिए राज्य सरकार को फौरन कदम उठाने चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को प्रभावित जिलों में जाकर नुकसान का विवरण तैयार करने और किसानों की आर्थिक मदद के लिए फंड जारी करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि फसल कटाई और खरीद प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत वितरण और फसल की कटाई में सहयोग देने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित किसानों को बीमा क्लेम, फसल क्षति का आकलन और सरकारी योजनाओं के तहत मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश और प्रशासन की तत्परता से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रभावित किसान जल्द राहत प्राप्त करेंगे और उनकी फसल और आय सुरक्षित रहेगी।





