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Ujjain : खुले सीवर चैंबर में गिरे तीन मजदूर, रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया

उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन में मंगलवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब खुले सीवर चैंबर में गिरने से तीन मजदूरों की जान खतरे में पड़ गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे के दौरान कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
जानकारी के अनुसार, यह घटना उज्जैन में भैरवगढ़ जाने वाली सड़क पर पीपली नाका इलाके के पास हुई। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे खुले पड़े सीवर चैंबर में अचानक दो मजदूर गिर गए। उन्हें बचाने के प्रयास में तीसरा व्यक्ति भी चैंबर के अंदर उतर गया, लेकिन वह भी जहरीली गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गया।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए टीम ने सावधानीपूर्वक तीनों मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
रेस्क्यू टीम ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से सीवर चैंबर में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला। काफी प्रयासों के बाद तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उनकी स्थिति की जांच की गई और आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
बचाने गया तीसरा व्यक्ति भी हुआ बेहोश
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सीवर चैंबर में पहले दो मजदूर गिरे थे। उन्हें बचाने के लिए एक अन्य व्यक्ति अंदर गया, लेकिन कुछ ही देर में वह भी बेहोश हो गया। आशंका जताई जा रही है कि सीवर के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण यह स्थिति बनी होगी।
सीवर और बंद स्थानों में अक्सर जहरीली गैसों के जमा होने का खतरा रहता है। बिना सुरक्षा उपकरणों के अंदर जाना जानलेवा साबित हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर सीवर सफाई और काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने की मदद
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सहायता की और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण समय रहते बचाव अभियान शुरू हो सका। मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे और सभी मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे थे।
बचाव दल ने लोगों को मौके से दूर रखा ताकि राहत कार्य में किसी तरह की परेशानी न आए। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया और रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा कराया।
प्रशासन ने लिया घटना का संज्ञान
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि सीवर चैंबर खुला क्यों था और वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम मौजूद थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले सीवर चैंबर हादसों को न्योता दे सकते हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेत लगाए जाने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
सीवर और नालियों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा लंबे समय से चिंता का विषय रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सीवर में उतरने से पहले गैस की जांच, सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी होती है।
इस घटना में राहत की बात यह रही कि समय पर बचाव दल पहुंच गया और तीनों मजदूरों की जान बचा ली गई। यदि रेस्क्यू में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि सीवर चैंबर किन परिस्थितियों में खुला था और मजदूर वहां किस काम के लिए गए थे। पुलिस संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटा रही है।
उज्जैन की इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, समय पर हुई कार्रवाई के कारण तीन मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।





