मध्य प्रदेश

त्विषा शर्मा केस: गिरिबाला और समर्थ सिंह की हिरासत बढ़ी

Saba Naaz
28 July 2026 5:52 PM IST
त्विषा शर्मा केस: गिरिबाला और समर्थ सिंह की हिरासत बढ़ी
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत के मामले में आरोपित पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली है। भोपाल की अदालत ने मंगलवार को दोनों आरोपितों की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया है। अब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 11 अगस्त तक जेल में रहेंगे।

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत से कहा कि जांच अभी जारी है और कई गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। सीबीआई ने आरोपितों को न्यायिक हिरासत में रखने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने दोनों की हिरासत अवधि बढ़ाने का फैसला सुनाया।

इससे पहले 14 जुलाई को अदालत ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाकर 28 जुलाई तक कर दी थी। मंगलवार को हुई सुनवाई में एक बार फिर हिरासत बढ़ा दी गई। अब मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

त्विषा शर्मा की मौत का मामला बीते कुछ समय से चर्चा में है। त्विषा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में मृत पाई गई थीं। उनकी मौत को लेकर शुरुआत से ही विवाद बना हुआ है। ससुराल पक्ष की ओर से इसे आत्महत्या बताया गया था, जबकि मायके वालों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।

सुनवाई के दौरान मंगलवार को जांच से जुड़ी एक अहम प्रक्रिया भी पूरी हुई। अदालत के निर्देश पर गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने अपने वॉयस सैंपल जांच एजेंसी को सौंप दिए। इन सैंपलों का इस्तेमाल वैज्ञानिक जांच के लिए किया जाएगा। सीबीआई अब वॉयस सैंपल की जांच के जरिए मामले से जुड़े तथ्यों को और स्पष्ट करने की कोशिश करेगी।

पिछली सुनवाई में अदालत ने दोनों आरोपितों को दोबारा वॉयस सैंपल देने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को दोनों ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अपने नमूने उपलब्ध करा दिए। जांच एजेंसी इन सैंपलों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज सकती है, जिससे मामले में सामने आए ऑडियो या अन्य संबंधित साक्ष्यों की पुष्टि की जा सकेगी।

अदालत ने सीबीआई को 11 अगस्त तक चालान पेश करने के निर्देश भी दिए हैं। अब जांच एजेंसी की ओर से दाखिल की जाने वाली चार्जशीट में सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें रहेंगी। सीबीआई मामले में जुटाए गए सबूतों, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

इस मामले में फॉरेंसिक जांच भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले 12 जुलाई को त्विषा शर्मा की मौत की जांच के लिए गठित एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने सीबीआई को अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी थी। यह रिपोर्ट मौत के तरीके और कथित फांसी के लिए इस्तेमाल की गई वस्तु से जुड़े विवाद को स्पष्ट करने के लिए अहम मानी जा रही है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल कथित लिगेचर मटेरियल यानी उस वस्तु को लेकर था, जिसका इस्तेमाल फांसी के लिए किए जाने का दावा किया गया था। इसमें मेटल रिंग वाली जिम्नास्टिक्स बेल्ट भी शामिल थी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या यह वही वस्तु थी और क्या इससे मिले निशान त्विषा शर्मा के शरीर पर पाए गए चोटों से मेल खाते हैं।

पहले पोस्टमार्टम के दौरान कथित लिगेचर मटेरियल मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं किया गया था, जिसके कारण कई सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।

अब सीबीआई की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और आगामी चार्जशीट के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। फिलहाल अदालत ने दोनों आरोपितों की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी है और जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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