मध्य प्रदेश

Burhanpur में धूमधाम से मनाया गया Tribal Pride Day, नेहरू स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब

SHIDDHANT
15 Nov 2025 8:47 PM IST
Burhanpur में धूमधाम से मनाया गया Tribal Pride Day, नेहरू स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
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Bhopal भोपाल: मध्य प्रदेश के बुर्धनपुर में शनिवार को आदिवासी गौरव दिवस (Tribal Pride Day) बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर आदिवासी संस्कृति, परंपरा और वीरता का उत्सव देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी झांकियों, पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य प्रस्तुतियों के साथ हुई। स्टेडियम में उपस्थित लोगों ने तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आदिवासी युवा और बच्चे पारंपरिक गीतों और नृत्यों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक पहचान और इतिहास को जीवंत रूप में प्रदर्शित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए आदिवासी समुदाय को उनके योगदान और संघर्षों के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोग प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आदिवासी गौरव दिवस उनके इतिहास, परंपरा और संस्कृति को मनाने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में स्थानीय आदिवासी कलाकारों ने अपने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोकगीतों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा, आदिवासी हस्तशिल्प, चित्रकला और कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और आदिवासी समुदाय की प्रतिभाओं की सराहना की।
राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने आदिवासी युवाओं को शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। यह अवसर आदिवासी समुदाय के लिए गर्व और पहचान का प्रतीक बना। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक नृत्य और संगीत के रंगारंग प्रदर्शन के साथ हुआ। आदिवासी गौरव दिवस ने बुर्धनपुर में आदिवासी संस्कृति और परंपरा को उजागर किया और युवाओं में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाई। इस दिन के आयोजन ने आदिवासी समाज को सम्मान देने के साथ-साथ उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश भी दिया।
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