मध्य प्रदेश

गैस पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे बने खतरा

Kavita2
6 Aug 2026 11:09 AM IST
गैस पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे बने खतरा
x

गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) की ओर से हर घर तक पाइपलाइन के माध्यम से गैस पहुंचाने के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लग रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढों को बिना बैरिकेडिंग के खुला छोड़ दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन इसके साथ लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। खुले गड्ढे, खराब सड़कें और अव्यवस्थित निर्माण सामग्री राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

खुले गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा

गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए कई जगहों पर सड़क किनारे और मुख्य मार्गों पर खुदाई की गई है। लेकिन खुदाई के बाद कई गड्ढों को न तो पूरी तरह भरा गया है और न ही उनके आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों को आशंका है कि रात के समय रोशनी की कमी में वाहन चालक इन गड्ढों को नहीं देख पाएंगे और दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।

बारिश ने बढ़ाई परेशानी

क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण निर्माण कार्य से जुड़ी समस्याएं और बढ़ गई हैं। खुदाई वाले स्थानों पर पानी भरने से सड़क की स्थिति खराब हो गई है।

कई जगहों पर कीचड़ और फिसलन की वजह से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। खासकर बाइक सवारों को अधिक जोखिम उठाना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन गड्ढों को सुरक्षित नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

सकराखेड़ी बाईपास रोड पर भी समस्या

जानकारी के अनुसार, सकराखेड़ी में बाईपास को जोड़ने वाली सड़क पर भी पाइपलाइन कार्य के बाद स्थिति खराब बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां पाइपलाइन डालने के बाद ठेकेदार ने सड़क किनारे और गड्ढों में टूटे हुए पाइप, ईंटें और पत्थर छोड़ दिए हैं।

निर्माण सामग्री के इस तरह पड़े रहने से राहगीरों को परेशानी हो रही है और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

निर्माण कार्य के दौरान आमतौर पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, रात में रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि यदि किसी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर खुदाई की जाती है तो वहां लोगों को पहले से सतर्क करने के लिए संकेत लगाए जाने चाहिए।

लोगों ने की कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने GAIL और संबंधित ठेकेदार से मांग की है कि खुले गड्ढों को तुरंत सुरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने का काम जल्द पूरा होना चाहिए, लेकिन लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

लोगों ने प्रशासन से भी अपील की है कि निर्माण स्थलों की जांच की जाए और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाए।

पाइपलाइन परियोजना का उद्देश्य

GAIL की पाइपलाइन परियोजना का उद्देश्य घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा पहुंचाना है। इससे लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक गैस आपूर्ति उपलब्ध कराने की योजना है।

हालांकि, परियोजना के निर्माण चरण में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

जिम्मेदारी तय करने की जरूरत

स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन काम करने वाली एजेंसियों को तय नियमों का पालन करना चाहिए।

सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें समय पर व्यवस्थित करना, गड्ढों के आसपास सुरक्षा घेरा लगाना और निर्माण सामग्री को हटाना जरूरी है।

कुल मिलाकर, GAIL की पाइपलाइन परियोजना जहां लोगों के लिए सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, वहीं निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खुले गड्ढों और अव्यवस्थित निर्माण सामग्री के कारण लोगों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। अब जरूरत है कि संबंधित एजेंसियां जल्द कदम उठाकर स्थिति को सुरक्षित बनाएं।

Next Story