मध्य प्रदेश

राजगढ़ में दर्दनाक हादसा: पानी से भरे नाले में बही 11 लोगों से भरी वैन, सात शव बरामद

Kavita2
10 Aug 2026 4:05 PM IST
राजगढ़ में दर्दनाक हादसा: पानी से भरे नाले में बही 11 लोगों से भरी वैन, सात शव बरामद
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राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के कई लोगों की जान चली गई। पचोर-सारंगपुर रोड पर पधाना बाईपास के पास पानी से भरे नाले को पार करने की कोशिश के दौरान 11 लोगों को लेकर जा रही एक वैन तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दोपहर करीब 1:45 बजे तक महिलाओं और बच्चों समेत सात लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि अन्य यात्रियों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वैन में एक ही परिवार के 11 सदस्य सवार थे। वाहन का चालक पानी से भरी सड़क को पार करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान तेज बहाव ने वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते वैन पानी में बह गई।

तेज बहाव के सामने नहीं टिक सकी वैन

बताया गया कि इलाके में हुई बारिश के कारण सड़क और नाले में पानी भर गया था। पानी का बहाव काफी तेज था। इसके बावजूद चालक ने वाहन को पानी से भरे रास्ते से निकालने की कोशिश की। जैसे ही वैन तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंची, वाहन पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो गया।

कुछ ही समय में पानी का दबाव बढ़ा और वैन बहने लगी। वाहन में बैठे लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव की कोशिश शुरू की।

सात शव बरामद

दोपहर 1:45 बजे तक राहत और बचाव दल ने सात लोगों के शव बरामद कर लिए थे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में मरने वालों की पहचान शंकर, विशाल, सागरबाई, पूजा, रेनू, हुकुम और वंशिका के रूप में बताई गई है।

वहीं वैन में सवार राजवीर, जसप्रीत, आनंद और चालक मुकेश के बारे में तलाश जारी थी। बचाव दल पानी के बहाव वाले क्षेत्र में खोज अभियान चला रहा था।

हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत की खबर से क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिवार और परिचितों के बीच भी चीख-पुकार मची हुई है।

पचोर-सारंगपुर रोड पर हुआ हादसा

दुर्घटना पचोर-सारंगपुर रोड पर पधाना बाईपास के पास हुई। यह इलाका बारिश के दौरान जलभराव और तेज बहाव की स्थिति के लिहाज से संवेदनशील हो सकता है।

हादसे के बाद सड़क पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद बचाव दल को मौके पर भेजा गया। पानी के तेज बहाव और कठिन परिस्थितियों के बीच राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

बचाव अभियान जारी

बाकी यात्रियों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी रहा। टीमों ने पानी में बह गई वैन और उसके आसपास के क्षेत्र में तलाश की। तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में कठिनाई भी सामने आई।

बचाव दल संभावित स्थानों पर खोज कर रहा था, ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। पानी के बहाव की दिशा को देखते हुए आसपास के हिस्सों में भी तलाश बढ़ाई गई।

परिवार के 11 लोग थे सवार

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वैन में एक ही परिवार के 11 लोग सवार थे। परिवार के लोग एक साथ यात्रा कर रहे थे, लेकिन रास्ते में पानी से भरा नाला उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।

वाहन में सवार लोगों की सूची में शंकर, विशाल, सागरबाई, पूजा, रेनू, हुकुम, वंशिका, राजवीर, जसप्रीत, आनंद और चालक मुकेश के नाम बताए गए हैं।

हादसे के बाद स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे। प्रशासन और राहत दल के पहुंचने के बाद खोज अभियान को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया गया।

बारिश के दौरान जोखिम भरा था रास्ता

राजगढ़ में बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क और नालों में पानी भरने की स्थिति बनती है। तेज बारिश के बाद नालों और छोटी जलधाराओं का बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में पानी से भरी सड़क को पार करना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।

इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। खासकर उन स्थानों पर जहां सड़क के ऊपर से पानी बह रहा हो, वहां वाहन चालकों को आगे बढ़ने से पहले स्थिति का आकलन करना जरूरी है।

हादसे से इलाके में शोक

एक ही परिवार के कई लोगों की मौत की खबर से आसपास के इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय लोग हादसे को बेहद दुखद बता रहे हैं। परिवार के लोगों को अब लापता यात्रियों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन की ओर से बचाव अभियान जारी रखा गया है। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की है।

राजगढ़ में हुआ यह हादसा बारिश के दौरान तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने के खतरे की गंभीर याद दिलाता है। पानी की ताकत का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है और कुछ ही क्षणों में वाहन तेज बहाव में बह सकता है। ऐसे में प्रशासन और वाहन चालकों दोनों के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

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