मध्य प्रदेश

मुरैना में दर्दनाक हादसा: सीवर पाइप के नीचे दबने से चार साल की बच्ची की मौत

Kavita2
4 Aug 2026 12:32 PM IST
मुरैना में दर्दनाक हादसा: सीवर पाइप के नीचे दबने से चार साल की बच्ची की मौत
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मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में चार साल की बच्ची की मौत हो गई। सड़क किनारे रखे सीवर पाइप के लुढ़कने से बच्ची उसके नीचे दब गई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उसकी जान चली गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

यह घटना मुरैना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की सिंगल बस्ती में हुई। मृत बच्ची की पहचान धर्मेंद्र वाल्मीकि की चार वर्षीय बेटी अंशिका उर्फ अंशु के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंशु घर के बाहर खेल रही थी, तभी यह हादसा हुआ।

जानकारी के अनुसार, सिंगल बस्ती में सीवर लाइन बिछाने के काम के लिए एक बड़ा पाइप सड़क किनारे रखा गया था। सोमवार सुबह अंशु अपने घर के बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते वह पाइप के ऊपर चढ़ गई। जैसे ही बच्ची पाइप पर चढ़ी, उसका संतुलन बिगड़ गया और पाइप लुढ़कने लगा।

पाइप के अचानक घूमने से अंशु नीचे गिर गई और भारी पाइप उसके ऊपर से निकल गया। आसपास खेल रहे अन्य बच्चों ने जब यह घटना देखी तो उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्ची को पाइप के नीचे से बाहर निकाला गया।

हालांकि, तब तक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। परिजन और स्थानीय लोग उसे बचाने की कोशिश करते हुए अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क किनारे रखे सीवर पाइप बच्चों के लिए खतरा बने हुए थे। उनका कहना है कि निर्माण सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने की जरूरत थी, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

घटना के बाद बस्ती के लोगों में नाराजगी भी देखी गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पाइप को सुरक्षित स्थान पर रखा गया होता या उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था की गई होती तो शायद बच्ची की जान बच सकती थी।

परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद है। चार साल की अंशु की अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं। मां-बाप और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

बच्ची की मौत ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर सड़कों के किनारे निर्माण सामग्री, पाइप और अन्य सामान रख दिया जाता है, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री रखने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है। खासकर ऐसे इलाकों में जहां बच्चे रहते और खेलते हैं, वहां अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सीवर पाइप किस परियोजना के तहत वहां रखा गया था और उसकी जिम्मेदारी किस विभाग या ठेकेदार की थी। जांच के आधार पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

मुरैना की इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने ला दिया है। चार साल की मासूम अंशु की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोग अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन की ओर से भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस हादसे के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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