मध्य प्रदेश

उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद के बाद कड़ी सुरक्षा, 30 पर FIR और 20 गिरफ्तार

Kavita2
30 Sept 2026 1:22 PM IST
उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद के बाद कड़ी सुरक्षा, 30 पर FIR और 20 गिरफ्तार
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उज्जैन। छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर हुई झड़प के तीन दिन बाद बुधवार को भी उज्जैन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनी रही। पुलिस के अनुसार मामले में 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और 20 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। शहर के संवेदनशील हिस्सों में पुलिस बल की तैनाती जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

यह विवाद सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट से जुड़ा है। प्रशासन की योजना में शाही मस्जिद का वह हिस्सा भी प्रभावित हो रहा है जो प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आता है। इसी प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ था और बाद में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।


28 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पथराव और पुलिस से झड़प की घटनाएं सामने आई थीं। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा था। इसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई।

बुधवार को शहर में स्थिति शांतिपूर्ण रही। शाही मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात रहे। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि भ्रामक या भड़काऊ सामग्री के जरिए माहौल खराब न किया जा सके।

प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत मस्जिद की मीनार और प्रभावित हिस्से को हटाने की तैयारियां भी जारी रखी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह काम सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और सड़क की क्षमता बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में कई सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। प्रशासन का तर्क है कि बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु रखने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण जरूरी है। इसी प्रोजेक्ट में कई निजी और धार्मिक संरचनाएं प्रभावित हो रही हैं।

शाही मस्जिद से जुड़े पक्ष ने इससे पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए वैकल्पिक रास्ता तलाशने की मांग की थी। मस्जिद से जुड़े लोगों का कहना था कि यह पुराना धार्मिक स्थल है और इसे यथासंभव बचाया जाना चाहिए। इस मामले को अदालत में भी चुनौती दी गई थी।

दूसरी ओर प्रशासन ने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण मास्टर प्लान और सिंहस्थ की तैयारियों के तहत किया जा रहा है। प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों और मस्जिद कमेटी से बातचीत भी की गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने प्रभावित हिस्से को स्वयं हटाने में सहयोग भी किया।

इसके बावजूद कुछ लोगों के विरोध के बाद स्थिति बिगड़ गई और पथराव की घटनाएं हुईं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हिंसा में शामिल लोग कौन थे और क्या इनमें बाहर से आए लोगों की भी भूमिका थी। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया सामग्री के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

पुलिस कार्रवाई के तहत अब तक 20 संदिग्धों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। अलग-अलग घटनाओं और शिकायतों के आधार पर 30 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ गिरफ्तारियों की संख्या में बदलाव हो सकता है।

इस पूरे मामले में प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर सड़क चौड़ीकरण और सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों को तय समय पर पूरा करना है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।

अधिकारियों ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्र में किसी भी कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहेगा। बैरिकेडिंग और प्रवेश नियंत्रण के जरिए लोगों की आवाजाही को भी व्यवस्थित किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें। शहर काजी और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और विवादित स्थल पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने अलग कार्रवाई शुरू की है। कई पोस्ट हटवाए गए हैं और कुछ अकाउंट्स की भूमिका की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री को लेकर सख्ती बरती जाएगी।

फिलहाल बुधवार को उज्जैन में स्थिति नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बताई गई है। सुरक्षा बल तैनात हैं और प्रशासन सड़क चौड़ीकरण से जुड़े अगले चरण की तैयारी कर रहा है।

आने वाले दिनों में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से और मीनार को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। साथ ही पुलिस की जांच यह भी स्पष्ट करेगी कि झड़प और पथराव में किन लोगों की भूमिका थी।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़े इस सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट ने विकास, धार्मिक धरोहर और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई सवाल एक साथ खड़े कर दिए हैं। प्रशासन फिलहाल बातचीत, सुरक्षा और निर्धारित विकास कार्यों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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