मध्य प्रदेश

रानी कमलापति स्टेशन से तीन नाइजीरियाई महिलाएं हिरासत में, वैध दस्तावेज नहीं मिले

Kavita2
6 Oct 2026 5:59 PM IST
रानी कमलापति स्टेशन से तीन नाइजीरियाई महिलाएं हिरासत में, वैध दस्तावेज नहीं मिले
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भोपाल: भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी DRI की टीम ने नाइजीरिया की तीन महिलाओं को हिरासत में लिया। अधिकारियों को शुरुआती तौर पर संदेह था कि उनके पास कोई संदिग्ध या गैर-कानूनी वस्तु हो सकती है। इसी आधार पर उन्हें रोककर उनके सामान की बारीकी से तलाशी ली गई। हालांकि जांच के दौरान उनके पास से कोई अवैध या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।

इसके बावजूद तीनों महिलाएं भारत में वैध रूप से रहने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाईं। अधिकारियों के अनुसार, उनसे पहचान संबंधी कागजात, वैध पासपोर्ट और कानूनी परमिट मांगे गए, लेकिन वे जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया।

हिरासत में ली गई महिलाओं की पहचान एडेटोकुनबो अडुन्नी, केला क्रिस्टीन और निकेची प्रिंसेस के रूप में हुई है। तीनों की उम्र लगभग 40 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

DRI की टीम ने इन्हें रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर रोका था। शुरुआती पूछताछ और सामान की जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि उनके पास कोई प्रतिबंधित सामग्री नहीं है, लेकिन वैध यात्रा और निवास दस्तावेजों को लेकर सवाल बना रहा।

इसके बाद महिलाओं को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले किया गया। प्रारंभिक तौर पर उन्हें मिसरोद पुलिस को सौंपा गया, जहां उनसे पूछताछ की गई।

बाद में उन्हें भोपाल के टीटी नगर पुलिस स्टेशन भेजा गया। यहां उनके दस्तावेजों, पहचान और भारत में रहने की वैध स्थिति से संबंधित जानकारी की जांच की गई।

अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि वे भारत कब और किस माध्यम से आई थीं, उनके पास पहले कोई वैध पासपोर्ट या वीजा था या नहीं और यदि था तो उसकी वैधता कब समाप्त हुई।

पूछताछ के बाद तीनों विदेशी महिलाओं को तलैया पुलिस स्टेशन परिसर में बनाए गए डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। फिलहाल वे वहीं प्रशासनिक निगरानी में हैं।

डिटेंशन सेंटर में ऐसे विदेशी नागरिकों को रखा जाता है, जिनके पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं होते या जिनकी नागरिकता और आव्रजन स्थिति की जांच चल रही होती है।

तीनों महिलाओं के मामले में भी अब आव्रजन और प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि उनके पास किसी अन्य देश से जारी वैध यात्रा दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं। यदि दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो संबंधित दूतावास या उच्चायोग से संपर्क किया जा सकता है।

नाइजीरिया के संबंधित राजनयिक प्रतिनिधियों से उनकी पहचान की पुष्टि कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।

यदि यह पुष्टि हो जाती है कि महिलाएं नाइजीरिया की नागरिक हैं और भारत में रहने के लिए उनके पास कोई वैध अनुमति नहीं है, तो आगे की कार्रवाई विदेशी नागरिकों से संबंधित कानून और आव्रजन नियमों के अनुसार की जाएगी।

फिलहाल उनके खिलाफ किसी अवैध वस्तु की बरामदगी का मामला सामने नहीं आया है। सामान की तलाशी में DRI को कोई ऐसा पदार्थ या सामग्री नहीं मिली, जिसके आधार पर तस्करी या अन्य गंभीर अपराध का मामला दर्ज किया जा सके।

इस वजह से जांच का मुख्य फोकस अब उनके भारत में रहने की कानूनी स्थिति पर है।

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने भी मामले की जानकारी ली है।

रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर अलग-अलग एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती हैं। विदेशी नागरिकों की गतिविधियों और दस्तावेजों की जांच भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होती है।

DRI आमतौर पर तस्करी, अवैध आयात-निर्यात और प्रतिबंधित वस्तुओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई करती है। इसी कारण महिलाओं को प्रारंभिक संदेह के आधार पर रोका गया था।

हालांकि तलाशी में किसी प्रकार की गैर-कानूनी सामग्री नहीं मिलने के बाद मामला आव्रजन और दस्तावेजों की जांच से जुड़ गया।

पुलिस अब तीनों महिलाओं से उनके भारत में रहने के ठिकानों और संपर्कों की जानकारी भी जुटा सकती है। यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वे भोपाल क्यों आई थीं और यहां किससे मिलने वाली थीं।

उनके यात्रा मार्ग की भी जांच की जा सकती है। उन्होंने किस शहर से ट्रेन पकड़ी और आगे कहां जाने की योजना थी, इसकी जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

प्रशासन यह भी पता कर सकता है कि वे इससे पहले भारत के किन शहरों में रही हैं और क्या किसी होटल, किराए के मकान या अन्य स्थान पर उनका रिकॉर्ड मौजूद है।

यदि उनके पास मोबाइल फोन हैं तो उनमें मौजूद संपर्क और यात्रा संबंधी जानकारी से भी उनकी गतिविधियों को समझने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल तीनों महिलाएं तलैया पुलिस स्टेशन के डिटेंशन सेंटर में हैं और प्रशासनिक निगरानी में रखी गई हैं।

आगे की कार्रवाई उनकी नागरिकता की पुष्टि, पासपोर्ट और वीजा रिकॉर्ड की जांच तथा आव्रजन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।

यदि वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो नियमानुसार उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि तलाशी के दौरान कोई अवैध वस्तु नहीं मिली, लेकिन भारत में वैध रूप से रहने के जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

अब प्रशासन और आव्रजन विभाग की जांच से यह स्पष्ट होगा कि तीनों महिलाएं भारत में कब से रह रही थीं और उनकी कानूनी स्थिति क्या है।

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