मध्य प्रदेश

एक्सप्रेस-वे निरीक्षण के दौरान अचानक मची हलचल

Saba Naaz
9 July 2026 9:43 PM IST
एक्सप्रेस-वे निरीक्षण के दौरान अचानक मची हलचल
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रतलाम। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निरीक्षण के दौरान मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में बड़ा हादसा होते-होते बच गया। गुरुवार को निरीक्षण के लिए जा रहे गडकरी के तेज रफ्तार काफिले के सामने अचानक कुछ ग्रामीण आ गए, जिसके बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, वाहन चालकों की सूझबूझ से किसी भी तरह की दुर्घटना नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य और प्रगति का जायजा लेने के लिए मध्य प्रदेश के रतलाम, मंदसौर और झाबुआ जिले के हिस्सों का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पास करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर रहे उनके काफिले के सामने अचानक कुछ ग्रामीण आ गए।

ग्रामीणों के अचानक सड़क पर आने से काफिले के वाहनों में हलचल मच गई। कुछ वाहन एक-दूसरे से टकराते-टकराते बच गए। लेकिन ड्राइवरों ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया और समय रहते ब्रेक लगाकर हादसे को टाल दिया। ग्रामीणों के हटने के बाद गडकरी का काफिला आगे बढ़ सका। बताया जा रहा है कि ग्रामीण एक्सप्रेस-वे निर्माण से जुड़ी कुछ समस्याओं और अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री से मिलना चाहते थे। इसी वजह से वे काफिले के रास्ते में पहुंच गए थे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था और वाहन चालकों की सतर्कता के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

इससे पहले बुधवार को नितिन गडकरी ने राजस्थान के हिस्से में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया था। उन्होंने बूंदी जिले के लबान इंटरचेंज से कोटा की दरा टनल तक करीब 90 किलोमीटर लंबे मार्ग का जायजा लिया था। निरीक्षण के बाद उन्होंने मंदसौर जिले के गरोठ में रात्रि विश्राम किया। गुरुवार सुबह करीब सवा आठ बजे केंद्रीय मंत्री एक्सप्रेस-वे निरीक्षण के लिए रवाना हुए। सुबह लगभग 10 बजकर 25 मिनट पर उनका काफिला रतलाम जिले की असावती सीमा पर पहुंचा, जहां जिला कलेक्टर मिशा सिंह और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने उनका स्वागत किया।

निरीक्षण के दौरान गडकरी ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य, गुणवत्ता और सुविधाओं की जानकारी ली। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे देश की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में से एक है, जिसे यातायात को तेज और सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। ग्रामीणों के अचानक सामने आने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य बताया और कहा कि किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। काफिला निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ गया।

एक्सप्रेस-वे निर्माण से जुड़े इलाकों में स्थानीय लोग कई बार जमीन, रास्तों और अन्य सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी बात रखते रहे हैं। इसी क्रम में ग्रामीण केंद्रीय मंत्री से अपनी समस्याएं साझा करना चाहते थे। फिलहाल घटना के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय मंत्री का निरीक्षण कार्यक्रम बिना किसी बड़ी बाधा के जारी रहा और अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही है।

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