- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- कूनो नेशनल पार्क में...
मध्य प्रदेश
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़ने की उम्मीद, बोत्सवाना से जनवरी में आएंगे 8 नए चीते
SHIDDHANT
3 Jan 2026 8:10 PM IST

x
Sheopur श्योपुर। मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क एक बार फिर सुर्खियों में है। 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत बोत्सवाना से 8 नए चीतों की खेप जनवरी 2026 में आने की संभावना है। ये चीते क्वारंटाइन पूरा करने के बाद विशेष विमान से भारत लाए जाएंगे। इस खेप में नर और मादा चीते शामिल हैं, जो पार्क में मौजूदा चीतों की आबादी को मजबूत करेंगे। फिलहाल भारत में चीतों की कुल संख्या 30 है, जिसमें कूनो में 27 और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में 3 चीते हैं।
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 2022 में नामीबिया से 8 चीतों के साथ हुई थी, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर कूनो में छोड़ा था। इसके बाद 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते आए। इन चीतों ने भारतीय माहौल में अच्छी तरह ढल लिया है और यहां शावकों का जन्म भी हो रहा है। 2025 में तीन मादा चीतों ने कुल 12 शावकों को जन्म दिया, हालांकि तीन शावकों की मौत हो गई। फिर भी भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर 19 के करीब पहुंच गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती वर्षों में कुछ मौतें सामान्य हैं, लेकिन कुल मिलाकर प्रोजेक्ट सफलता की ओर बढ़ रहा है।
हाल ही में बोत्सवाना के तीन सदस्यीय दल ने कूनो और गांधी सागर का दौरा किया। दल में पशु चिकित्सक, सुरक्षा अधिकारी और वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने बाड़ों, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और संतोष जताया। कूनो के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि पार्क नई खेप के लिए पूरी तरह तैयार है। नए चीतों के आने से जैव विविधता बढ़ेगी और घास के मैदानों का इकोसिस्टम मजबूत होगा।
कूनो में चीतों के दीदार के लिए पर्यटकों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। सफारी बुकिंग बढ़ गई है और लोग दुनिया के सबसे तेज धावक को करीब से देखने आ रहे हैं। इसके अलावा गांधी सागर अभयारण्य चीतों का दूसरा घर बन चुका है, जहां तीन चीते शिफ्ट किए गए हैं। सागर जिले का वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (पहले नौरादेही) को तीसरा केंद्र बनाने की तैयारी है, जिसे 2026 मानसून से पहले तैयार किया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट न केवल चीतों की आबादी बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदाय को रोजगार और संरक्षण के प्रति जागरूकता भी दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में चीतों की स्थायी आबादी स्थापित हो जाएगी। नए चीतों के आने से कूनो में चीतों की संख्या 35 के करीब पहुंच सकती है, जो प्रोजेक्ट की बड़ी सफलता होगी।
Tagsकूनो नेशनल पार्कप्रोजेक्ट चीताबोत्सवानाभारतमध्य प्रदेशचीतों की आबादीकूनो चीतेगांधी सागर वन्यजीव अभयारण्यशावकजैव विविधतावन्यजीव संरक्षणपर्यटकसफारीदुर्गावती टाइगर रिजर्वविशेष विमानक्वारंटाइनवन्यजीव विशेषज्ञभारत में चीतेसंरक्षण कार्यक्रमप्रोजेक्ट सफलताजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





