मध्य प्रदेश

सहायक यंत्री की गलती से नपा का 12 लाख का नुकसान, तोड़ना पड़ा डिवाइडर

Rounak Dey
22 Oct 2022 10:49 AM IST
सहायक यंत्री की गलती से नपा का 12 लाख का नुकसान, तोड़ना पड़ा डिवाइडर
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भिंड। शहर के सदर बाजार में डिवाइडर के बीच बने शौचायल और डिवाइडर को आखिर नगर पालिका ने तुड़वा ही दिया। नगर पालिका के प्रभारी सहायक यंत्री दीपक अग्रवाल के द्वारा इसकी डिजाइन तैयार की गई थी। वहीं निर्माण कार्य में करीब 12 लाख रुपये खर्च किए गए थे। डेढ़ साल पहले शुरु कराए गए इस कार्य का विरोध व्यापारी व समाजिक संगठन शुरुआत से ही कर रहे थे। अंत में नपा ने अपनी गलती मानते हुए बाजार से डिवाइडर और शौचालय को हटवा दिया है।

बुधवार-गुरुवार की रात नगर पालिका ने सदर बाजार से शौचालय व डिवाइडर को जेसीबी से हटवा दिया। इससे पहले 26 और 27 अगस्त की रात बाजार में गुपचुप तरीके से डिवाइडर के एक हिस्से को तोड़ने का कार्य किया गया था। हालांकि उस वक्त नपा अधिकारियों ने नपा के द्वारा डिवाइडर न तोड़े जाने की बात कही थी, वहीं दूसरी तरफ व्यापारी संघ ने डिवाइडर के टूटने पर खुशी व्यक्त की थी।

साथ ही बाजार से डिवाइडर और टायलेट हटाए जाने की मांग भी की थी। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। फिर भी नपा द्वारा इसकी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। बता दें कि डेढ़ साल पहले तक बाजार में डिवाइडर के बीच में एक लोहे की रैलिंग लगी हुई थी। नई प्लानिंग के बाद जिसे हटवाकर छह फीट चौड़े डिवाइडर का निर्माण कराया गया। साथ ही कुछ जगहों पर डिवाइडर के बीच में शौचालय बनवा दिए गए।


इसके बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया। बाजार में अतिक्रमण के चलते वैसे ही सड़क की चौड़ाई कम थी, लेकिन इसके बावजूद भी गलत डिजाइन तैयार कर डिवाइडर को चौड़ा किया गया। इसके बाद डिवाइडर के दोनों तरफ हाथ ठेले खड़े हो जाने की वजह से वाहन तो दूर बाजार में पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया था। जिसके चलते नपा द्वारा कराए गए इस निर्माण कार्य को हटवाए जाने की मांग की जा रही थी।

यह थी योजना -

नगर पालिका द्वारा सदर बाजार माडल बनाने के लिए एक करोड़ 12 लाख 61 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। जहां एक ओर डिवाइडर को चौड़ा कर बाइक पार्किंग के साथ ही महिला और पुरुष शौचालय का निर्माण कराया जाना है। वहीं दूसरी ओर फुटपाथ पर ग्रेनाइट पत्थर लगवाया जाना है। डेढ़ साल पहले करीब 12 लाख रुपये खर्च कर जहां डिवाइडर की चौड़ाई बढ़ाई गई थी। वहीं कुछ जगहों पर शौचालय का निर्माण कराए जाने के बाद काम को अधूरा छोड़ दिया गया था। डिवाडर का चौड़ीकरण कराए जाने से बाजार में आए दिन यातायात व्यवस्था भी बिगड़ रही थी।

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