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Indore में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगेगा लगाम

इंदौर | इंदौर में बढ़ती श्वानों (आवारा कुत्तों) की आबादी को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन जल्द ही एक विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। शहर में पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जिससे सड़क हादसों और कुत्तों के काटने की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। इसे रोकने के लिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
क्या होगा अभियान में?
स्टरलाइजेशन (बधियाकरण): नगर निगम आवारा कुत्तों की संख्या पर काबू पाने के लिए स्टरलाइजेशन कार्यक्रम चलाएगा।
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टीकाकरण: कुत्तों को रेबीज जैसी बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान भी शुरू किया जाएगा।
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कैच एंड रिलीज प्रक्रिया: कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करने के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
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जनजागरूकता अभियान: लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा ताकि वे जिम्मेदारी से पालतू कुत्तों की देखभाल करें और उन्हें अनियंत्रित तरीके से छोड़ने से बचें।
शहर में क्यों बढ़ रही है कुत्तों की समस्या?
पिछले कुछ सालों में इंदौर में कुत्तों की आबादी तेजी से बढ़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में फेंका गया खाना और कचरा इस समस्या का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा, कई इलाकों में नसबंदी कार्यक्रम ठीक से लागू नहीं हो पाने के कारण भी कुत्तों की संख्या नियंत्रण से बाहर हो गई है।
नगर निगम की सख्त कार्रवाई
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार अभियान को पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा। शहर में आवारा कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।
"हम इस बार स्टरलाइजेशन और टीकाकरण दोनों को प्राथमिकता देंगे। साथ ही, लोगों से अपील करेंगे कि वे कुत्तों को सही तरीके से पालें और उन्हें सड़कों पर न छोड़ें," – नगर निगम अधिकारी।
शहरवासियों को मिलेगी राहत
प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान से इंदौर में आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और कुत्तों के काटने की घटनाओं में भी कमी आएगी। नगर निगम जल्द ही अभियान की तारीखों का ऐलान करेगा और इसे चरणबद्ध तरीके से शहरभर में लागू किया जाएगा





