मध्य प्रदेश

उज्जैन में दीपोत्सव का आगाज़, महाकालेश्वर मंदिर में आरती और दीयों की रौशनी से जगमगाया परिसर

SHIDDHANT
17 Oct 2025 10:58 PM IST
उज्जैन में दीपोत्सव का आगाज़, महाकालेश्वर मंदिर में आरती और दीयों की रौशनी से जगमगाया परिसर
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। आगामी दिवाली पर्व को देखते हुए उज्जैन में आज से पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ हो गया। दीपोत्सव का पहला दिन महाकालेश्वर मंदिर में संध्या आरती के साथ मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और दीपों की रौशनी में आस्था का आनंद लिया। महाकालेश्वर मंदिर इस अवसर पर दीयों और रंगीन रोशनी से पूरी तरह जगमगाया हुआ है। मंदिर की दीवारों, गलियारों और प्रांगण में सैकड़ों दीप जलाए गए हैं, जिससे परिसर में पावन और दिव्य माहौल बना हुआ है। भक्तजन सुबह से ही मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना और दर्शन कर रहे हैं।
दीपोत्सव के दौरान मंदिर प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाओं का ध्यान रखा है ताकि श्रद्धालु सुखद और सुरक्षित अनुभव कर सकें। भक्तों के लिए मंदिर में प्रवेश मार्ग व्यवस्थित किए गए हैं और पूजा सामग्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा मंदिर परिसर में भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी जा रही हैं। दीपोत्सव के दौरान विशेष आयोजन होते हैं, जिसमें दीपोत्सव शो, संगीत, नृत्य और धार्मिक प्रवचन शामिल हैं, जो तीर्थ नगरी उज्जैन में त्योहार की शोभा बढ़ाते हैं।
महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि दीपोत्सव का उद्देश्य न केवल धार्मिक भावना को प्रकट करना है, बल्कि लोगों में एकता और सांस्कृतिक चेतना भी बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “दीपोत्सव पांच दिनों तक चलेगा और हर दिन विशेष आरती और भजन कीर्तन का आयोजन होगा। श्रद्धालु पूरे परिवार के साथ आएं और इस पावन अवसर का आनंद लें। उज्जैन में दीपोत्सव का आयोजन प्राचीन परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप किया जाता है। यह त्योहार शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी श्रद्धालु जुटाता है। स्थानीय बाजार भी दीपोत्सव के अवसर पर सजावट और खरीदारी के लिए तैयार हैं। लोग पूजा सामग्री, दीपक, मिठाई और फूलों की खरीदारी में व्यस्त हैं।
भक्तजन और पर्यटक महाकालेश्वर मंदिर के अलावा त्रिमूर्ति मंदिर, काल भैरव मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दर्शन कर रहे हैं। दीपोत्सव के दौरान मंदिर के पास विशेष लॉजिस्टिक और परिवहन व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा हो। उज्जैन दीपोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पांच दिवसीय उत्सव के दौरान विशेष कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से शहर का माहौल पूरी तरह उत्सवपूर्ण बना रहता है। इस प्रकार, उज्जैन में दीपोत्सव 2025 का पहला दिन भगवान महाकाल की आरती, दीपों की रोशनी और भक्तों की आस्था से धूमधाम से मनाया गया, जो आगामी दिनों में भी इसी उत्साह और भक्ति के साथ जारी रहेगा।
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