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इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दीपावली और धनतेरस से पहले ऑटोमोबाइल बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में लोग नई कार और दोपहिया वाहन खरीद रहे हैं। हालांकि, वाहनों की अच्छी बिक्री के बीच वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबरों की ऑनलाइन नीलामी में दिलचस्प स्थिति सामने आई है। शहर में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले वीआईपी नंबर '0001' के लिए नई सीरीज की नीलामी के पहले दिन एक भी बोली नहीं लगी। दूसरी ओर, नंबर '0007' के लिए खरीदारों ने रुचि दिखानी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को इंदौर परिवहन विभाग की नई MP-09-ED सीरीज के अंतर्गत वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबरों की ऑनलाइन नीलामी शुरू हुई। इस नीलामी में कई आकर्षक नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले '0001' नंबर को पहले दिन कोई खरीदार नहीं मिला। सोमवार रात तक इस नंबर के लिए एक भी बोली दर्ज नहीं हुई थी। हालांकि, '0007' जैसे अन्य विशेष नंबरों के लिए बोलियां लगनी शुरू हो गई थीं।
यह स्थिति इसलिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि दीपावली और धनतेरस के अवसर पर इंदौर में वाहन खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रविवार को ही शहर में लगभग 700 वाहनों की बिक्री हुई। त्योहारों के दौरान वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में ग्राहक पहले से ही कार और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा रहे हैं।
इंदौर में वीआईपी नंबरों को लेकर लंबे समय से वाहन मालिकों में खास आकर्षण रहा है। विशेष रूप से '0001', '0007', '0008', '1111', '7777' और '9999' जैसे नंबरों की अच्छी मांग रहती है। कई वाहन मालिक अपनी पसंद का नंबर हासिल करने के लिए निर्धारित आधार मूल्य से कई गुना अधिक रकम खर्च करने को तैयार रहते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नई सीरीज में जिस '0001' नंबर के लिए पहले दिन कोई बोली नहीं लगी, वही नंबर पिछली सीरीज की नीलामी में सबसे महंगा बिका था। दीपावली और धनतेरस से पहले पिछले गुरुवार को MP-09-EC सीरीज के वीआईपी नंबरों की ऑनलाइन नीलामी आयोजित की गई थी। इसमें '0001' नंबर के लिए सबसे ऊंची बोली लगी और यह नंबर 2 लाख 38 हजार रुपये में नीलाम हुआ।
पिछली नीलामी में '0007' नंबर भी खरीदारों की पसंद बना था। इस विशेष नंबर को हासिल करने के लिए 86 हजार रुपये की बोली लगाई गई थी। इसी तरह '0008' नंबर 56 हजार 500 रुपये में नीलाम हुआ था। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि शहर में आकर्षक रजिस्ट्रेशन नंबरों के लिए वाहन मालिक अच्छी-खासी रकम खर्च कर रहे हैं।
पिछली नीलामी की एक और खास बात यह रही कि दोपहिया वाहन मालिकों ने भी कई आकर्षक नंबरों के लिए ऊंची बोली लगाई थी। '7777' नंबर को एक दोपहिया वाहन मालिक ने 33 हजार रुपये में खरीदा था। इस नंबर का दोपहिया वाहनों के लिए आधार मूल्य सात हजार रुपये था। इसी तरह '0018' नंबर भी एक दोपहिया वाहन मालिक ने 16 हजार 500 रुपये में हासिल किया था।
नई सीरीज में '0001' नंबर के लिए पहले दिन कोई बोली नहीं आने से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, परिवहन विभाग की नीलामी प्रक्रिया को देखते हुए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस नंबर की लोकप्रियता कम हो गई है। ऑनलाइन नीलामी के दौरान कई खरीदार अंतिम चरण में भी बोली लगाते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में '0001' नंबर के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेष नंबरों की नीलामी में खरीदारों की दिलचस्पी कई बातों पर निर्भर करती है। इनमें नंबर का आकर्षण, वाहन मालिक की व्यक्तिगत पसंद, उपलब्ध बजट और अन्य बोलीदाताओं की भागीदारी शामिल हैं। कुछ लोग अपनी जन्मतिथि, पसंदीदा अंक या किसी विशेष मान्यता के आधार पर नंबर चुनते हैं। वहीं, कई लोगों के लिए '0001' जैसा नंबर प्रतिष्ठा और अलग पहचान का प्रतीक होता है।
वाहन पंजीयन के लिए विशेष नंबर खरीदने की प्रक्रिया सामान्य नंबर आवंटन से अलग होती है। सामान्य रजिस्ट्रेशन नंबर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आवंटित किए जाते हैं, जबकि पसंदीदा और वीआईपी नंबरों के लिए वाहन मालिकों को अलग से आवेदन करना पड़ता है। अधिक मांग वाले नंबरों के लिए ऑनलाइन नीलामी आयोजित की जाती है, जिसमें पात्र आवेदक निर्धारित शर्तों के अनुसार बोली लगाते हैं।
परिवहन विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य नंबर आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। इससे खरीदार उपलब्ध नंबरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपनी पसंद के नंबर के लिए बोली लगा सकते हैं। नीलामी पूरी होने के बाद लागू नियमों के अनुसार सफल बोलीदाता को संबंधित नंबर आवंटित किया जाता है।
त्योहारी सीजन में वाहन खरीदने वालों की संख्या बढ़ने से परिवहन विभाग में नए पंजीयन की गतिविधियां भी तेज होने की उम्मीद है। दीपावली और धनतेरस पर विशेष मुहूर्त में वाहन घर लाने की परंपरा के कारण कई लोग पहले से बुकिंग कराते हैं। ऐसे ग्राहकों में कुछ ऐसे भी होते हैं, जो वाहन के साथ अपनी पसंद का रजिस्ट्रेशन नंबर लेना चाहते हैं।
फिलहाल, इंदौर की नई MP-09-ED सीरीज की नीलामी में '0001' और '0007' नंबरों की अलग-अलग स्थिति लोगों का ध्यान खींच रही है। एक ओर पिछली नीलामी में लाखों रुपये में बिकने वाला '0001' नंबर पहले दिन बोली का इंतजार करता रहा, वहीं दूसरी ओर '0007' के लिए खरीदार सक्रिय नजर आए।
अब देखना होगा कि नीलामी के अगले चरण में '0001' नंबर को लेकर खरीदार कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं। पिछली सीरीज में इस नंबर के लिए लगी 2.38 लाख रुपये की बोली के मुकाबले नई सीरीज में इसकी अंतिम कीमत कितनी रहती है, यह नीलामी समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगा।





