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इंदौर एयरपोर्ट पर आतंकियों ने यात्रियों को बनाया बंधक! NSG कमांडो ने संभाला मोर्चा

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को उस समय आतंकवादी हमले जैसी स्थिति का अभ्यास किया गया, जब नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के कमांडो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर आतंकवाद-रोधी मॉक एक्सरसाइज आयोजित की। अभ्यास के दौरान ऐसा काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें आतंकवादियों ने एयरपोर्ट की पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग पर हमला कर वहां मौजूद यात्रियों को बंधक बना लिया। इसके बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों से निपटने और बंधकों को सुरक्षित निकालने की तैयारियों का परीक्षण किया। यह अभ्यास सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर शुरू हुआ और शाम 4 बजकर 30 मिनट तक चला। करीब छह घंटे तक चले इस अभियान का उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी हमले की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई और आपसी तालमेल का आकलन करना था।
पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग में बनाया गया आतंकी हमले का काल्पनिक दृश्य
जानकारी के अनुसार, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड ने अन्य सहयोगी एजेंसियों की मदद से देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट की पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग में काउंटर टेररिज्म मॉक एक्सरसाइज (CTME) आयोजित की।
यह टर्मिनल बिल्डिंग फिलहाल नियमित यात्री संचालन के लिए इस्तेमाल नहीं की जा रही है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने इसे अभ्यास के लिए चुना।
मॉक ड्रिल के दौरान ऐसी स्थिति बनाई गई, जिसमें आतंकवादियों ने अचानक टर्मिनल भवन पर हमला कर दिया और वहां मौजूद यात्रियों को बंधक बना लिया।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों के खतरे से निपटने और बंधकों को सुरक्षित बचाने की जिम्मेदारी निभाने का अभ्यास कराया गया।
पूरी कार्रवाई वास्तविक आपातकालीन स्थिति जैसी तैयारियों को परखने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। हालांकि, यह केवल सुरक्षा अभ्यास था और एयरपोर्ट पर कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं हुआ था।
सुबह 10:36 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन
मॉक एक्सरसाइज बुधवार सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर शुरू हुई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित अभ्यास के अनुसार अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी तैयारियों का परीक्षण किया।
इस दौरान आतंकवादी हमले की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया, संबंधित एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और आपात स्थिति में आवश्यक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को परखा गया।
अभ्यास में विशेष रूप से यह देखा गया कि किसी गंभीर सुरक्षा चुनौती के दौरान विभिन्न एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से आपसी समन्वय स्थापित कर सकती हैं।
शाम 4 बजकर 30 मिनट पर यह मॉक एक्सरसाइज सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
NSG कमांडो ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड देश का विशेष आतंकवाद-रोधी सुरक्षा बल है। इसे गंभीर आतंकी खतरों, बंधक संकट और अन्य विशेष सुरक्षा परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
इंदौर एयरपोर्ट पर आयोजित अभ्यास में एनएसजी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसके माध्यम से संभावित आतंकवादी हमले की स्थिति में विशेष सुरक्षा बलों की तैयारी को परखा गया।
बंधक बनाए जाने जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आम नागरिकों की जान बचाना होती है।
ऐसे अभ्यासों के जरिए सुरक्षा बल यह समझने का प्रयास करते हैं कि आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कैसे किया जा सकता है।
स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल
मॉक एक्सरसाइज से पहले 19 अक्टूबर को एनएसजी अधिकारियों और इंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित बैठक में आतंकवाद-रोधी अभ्यास की तैयारियों, आवश्यक संसाधनों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग पर चर्चा की गई थी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया था कि एनएसजी देश के विभिन्न राज्यों में इस प्रकार के अभ्यास आयोजित करती है।
उन्होंने कहा था कि अभ्यास की तैयारियों के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन से आवश्यक सहयोग तथा व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई है। सुरक्षा कारणों से उस समय अभ्यास के स्थानों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
त्योहारों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
इंदौर में आयोजित यह अभ्यास त्योहारों के दौरान सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की व्यापक कवायद का हिस्सा माना जा रहा है।
त्योहारों के समय बाजारों, धार्मिक स्थलों, परिवहन केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।
इंदौर मध्य प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक और परिवहन केंद्रों में शामिल है। यहां एयरपोर्ट के माध्यम से बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं।
इसी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करती हैं।
डेली कॉलेज में भी हुआ सुरक्षा अभ्यास
इंदौर में सुरक्षा तैयारियों के तहत एयरपोर्ट के अलावा डेली कॉलेज परिसर में भी एनएसजी कमांडो ने मॉक ड्रिल आयोजित की।
इस अभ्यास में संभावित आतंकवादी खतरे के दौरान लोगों की सुरक्षा और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की तैयारियों को परखा गया।
डेली कॉलेज में भी लगभग पांच से छह घंटे तक अभ्यास चलने की जानकारी सामने आई है।
इन अभ्यासों का प्रमुख उद्देश्य सुरक्षा बलों की तत्परता बढ़ाना और किसी वास्तविक आपातकालीन स्थिति के दौरान बेहतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
एयरपोर्ट पर पहले भी हो चुकी है मॉक ड्रिल
देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर इससे पहले भी सुरक्षा तैयारियों की जांच के लिए विशेष अभ्यास आयोजित किए जा चुके हैं।
अगस्त 2026 में स्वतंत्रता दिवस से पहले एयरपोर्ट पर आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। उस अभ्यास में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल और इंदौर पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियों ने हिस्सा लिया था।
अभ्यास के दौरान संदिग्ध घुसपैठ और आतंकी खतरे जैसी काल्पनिक परिस्थितियां तैयार करके सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया था।
इसके साथ ही बम निरोधक दल, दमकल और चिकित्सा टीमों की तैयारियों को भी परखा गया था।
आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आतंकी हमले या बंधक संकट में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
ऐसी परिस्थितियों में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, समय पर सूचना का आदान-प्रदान और त्वरित निर्णय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों को अपनी तैयारियों का मूल्यांकन करने और संभावित कमियों को पहचानने का अवसर मिलता है।
इसके अलावा संबंधित कर्मचारियों को वास्तविक आपात स्थिति में अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने का प्रशिक्षण भी मिलता है।
करीब छह घंटे बाद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ अभ्यास
इंदौर एयरपोर्ट की पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग में बुधवार को आयोजित आतंकवाद-रोधी मॉक एक्सरसाइज शाम 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्त हुई।
करीब छह घंटे चले इस अभ्यास में आतंकवादी हमले और यात्रियों को बंधक बनाए जाने की काल्पनिक स्थिति तैयार करके सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखा गया।
एनएसजी और सहयोगी एजेंसियों के इस संयुक्त अभ्यास को संभावित आतंकी खतरों से निपटने की तैयारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसका उद्देश्य किसी वास्तविक आपातकालीन स्थिति में तेजी से कार्रवाई करके लोगों की जान बचाना और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।





