मध्य प्रदेश

खंडवा में सड़क पर बैठे छात्र, गंदे पानी के खिलाफ प्रदर्शन

Ashish verma
12 Oct 2026 7:52 PM IST
खंडवा में सड़क पर बैठे छात्र, गंदे पानी के खिलाफ प्रदर्शन
x
खंडवा : एसएन कॉलेज की अव्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। साफ पेयजल की कमी, समय पर कक्षाएं नहीं लगने और कॉलेज परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही के आरोपों को लेकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन लगभग दो घंटे तक चला। इस दौरान छात्र सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। इससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि पढ़ाई के लिए कॉलेज आने वाले छात्रों को साफ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधा की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही समय पर कक्षाएं नहीं लगने की समस्या भी सामने रखी गई। कार्यकर्ताओं ने इन व्यवस्थाओं में सुधार की मांग करते हुए विरोध जताया। कॉलेज परिसर में बाहरी और असामाजिक तत्वों की आवाजाही को भी उन्होंने विद्यार्थियों से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
सुबह शुरू हुए विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और अपनी मांगों की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की। प्रदर्शन आगे बढ़ने पर छात्र सड़क पर बैठ गए। उनके सड़क पर बैठने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। चक्काजाम के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन में कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों की नाराजगी सामने आई। कार्यकर्ताओं ने पानी, कक्षाओं और परिसर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
साफ पेयजल की उपलब्धता प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा रही। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज में विद्यार्थियों की जरूरत के अनुरूप साफ पानी की व्यवस्था नहीं है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छात्रों को लंबे समय तक परिसर में रहना पड़ता है। ऐसे में पेयजल की कमी उनके लिए परेशानी का कारण बन सकती है। प्रदर्शनकारियों ने इसी बुनियादी जरूरत को सामने रखते हुए व्यवस्था सुधारने की मांग की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कॉलेज में पेयजल के कितने स्थान हैं और किन व्यवस्थाओं को लेकर शिकायत की गई है।
समय पर कक्षाएं नहीं लगने का मुद्दा भी विरोध के केंद्र में रहा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए कक्षाओं का निर्धारित समय पर संचालन जरूरी है। कक्षाएं समय पर नहीं लगने से कॉलेज आने वाले छात्रों का अध्ययन प्रभावित होता है और उन्हें इंतजार करना पड़ता है। प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने इस समस्या पर ध्यान देने की मांग उठाई। किन पाठ्यक्रमों या विषयों की कक्षाओं में देरी हो रही है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
कॉलेज परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही के आरोप ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इस विषय पर आपत्ति जताते हुए परिसर में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण की मांग की। उनका विरोध इस बात को लेकर था कि पढ़ाई के स्थान पर ऐसी गतिविधियों और लोगों की आवाजाही पर ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि, किसी विशेष घटना, व्यक्ति या शिकायत का विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस आरोप के बारे में कॉलेज प्रशासन का पक्ष और संबंधित जानकारी सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बैठकर चक्काजाम करने से कॉलेज की समस्याओं का असर आसपास के आवागमन पर भी पड़ा। छात्र अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे और कुछ समय तक रास्ते से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित रही। उपलब्ध विवरण में रास्ता प्रभावित होने की बात कही गई है, लेकिन जाम की लंबाई या प्रभावित वाहनों की संख्या का उल्लेख नहीं है। विरोध का मुख्य उद्देश्य कॉलेज की अव्यवस्थाओं की ओर ध्यान दिलाना और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की मांग करना रहा।
इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख विषय सामने रखे हैं—साफ पेयजल, समय पर कक्षाओं का संचालन और परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही। ये शिकायतें विद्यार्थियों की दैनिक जरूरतों, पढ़ाई और सुरक्षा से जुड़ी हैं। कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन इन्हीं मुद्दों के आसपास केंद्रित रहा। कॉलेज में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति समझने के लिए इन शिकायतों की जांच और प्रशासन का जवाब आवश्यक होगा। फिलहाल सामने आई जानकारी प्रदर्शन और उसमें उठाई गई मांगों तक सीमित है।
करीब दो घंटे तक चले विरोध के बाद मांगों पर क्या निर्णय हुआ, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। कॉलेज प्रशासन की ओर से किसी आश्वासन, लिखित जवाब या सुधार की समयसीमा का भी उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए समस्याओं के समाधान को लेकर अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। सोमवार के प्रदर्शन ने एसएन कॉलेज में विद्यार्थियों की सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को सामने ला दिया है। अब इन मुद्दों पर कॉलेज प्रशासन का पक्ष और आगे की कार्रवाई सामने आने से स्पष्ट होगा कि विद्यार्थियों की मांगों पर किस तरह कदम उठाए जाते हैं।
Next Story