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इंदौर। नियमों के समान पालन और शहर की व्यवस्था को बनाए रखने का संदेश देते हुए इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अपनी तस्वीर वाले सभी अवैध होर्डिंग्स को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को शहरभर में अनधिकृत होर्डिंग्स के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने को कहा है। मेयर के इस कदम को नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय शुरू की गई जब मेयर को जानकारी मिली कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में कांवड़ गतिविधियों से जुड़े कुछ होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनमें उनकी तस्वीर भी शामिल है। जानकारी मिलने के बाद भार्गव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा लगाए गए अवैध होर्डिंग्स को नियमों के अनुसार हटाया जाए।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि संभव है कि समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने भावनाओं में आकर ऐसे होर्डिंग्स लगाए हों, लेकिन शहर में नियम सभी के लिए समान हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्रवाई में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और अवैध होर्डिंग्स चाहे किसी व्यक्ति, संगठन या समूह से जुड़े हों, उन्हें हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग्स शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि कई बार यातायात व्यवस्था में भी परेशानी आती है। इसलिए नगर निगम को अवैध प्रचार सामग्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई करनी चाहिए।
मेयर ने इंदौर की पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर केवल स्वच्छता के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहां नियमों के पालन और व्यवस्थित शहरी प्रबंधन को भी महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शहर की छवि बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत निर्माण और प्रचार सामग्री पर नियंत्रण रखा जाए।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि मेयर के निर्देश के बाद संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए सक्रिय कर दिया गया है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगाए गए होर्डिंग्स की पहचान की जा रही है और बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापन बोर्ड और प्रचार सामग्री हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इंदौर में सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स लगाने को लेकर नगर निगम की ओर से पहले भी नियम तय किए गए हैं। किसी भी तरह की प्रचार सामग्री लगाने के लिए निर्धारित अनुमति लेना आवश्यक होता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने और अन्य कार्रवाई का प्रावधान है।
शहर में धार्मिक आयोजनों और सामाजिक गतिविधियों के दौरान बड़ी संख्या में होर्डिंग्स लगाए जाते हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि धार्मिक या सामाजिक आयोजन होने के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर नियमों का पालन जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति के होर्डिंग लगाने की छूट नहीं दी जा सकती।
मेयर के इस फैसले को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आमतौर पर नेताओं और जनप्रतिनिधियों की तस्वीर वाले होर्डिंग्स बड़ी संख्या में लगाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में मेयर ने खुद अपनी तस्वीर वाले होर्डिंग्स हटाने के निर्देश देकर एक अलग संदेश देने की कोशिश की है।
शहर के लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनियंत्रित तरीके से लगाए गए होर्डिंग्स से कई बार सड़क किनारे दृश्यता प्रभावित होती है और यातायात में भी परेशानी आती है। ऐसे में नियमित कार्रवाई से शहर की व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
नगर निगम का कहना है कि अभियान के दौरान सभी अवैध होर्डिंग्स की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से की जाए और किसी विशेष व्यक्ति या संस्था को प्राथमिकता न दी जाए।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों से कहा है कि शहर की सुंदरता और व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। इसके लिए जरूरी है कि सभी लोग नियमों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही करें।
फिलहाल इंदौर नगर निगम की ओर से अवैध होर्डिंग्स हटाने का अभियान शुरू किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न इलाकों में लगी प्रचार सामग्री की जांच और हटाने की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।





