मध्य प्रदेश

इंदौर में अतिक्रमण कार्रवाई के बाद पथराव कई लोग हिरासत में

Ratna Netam
6 Oct 2026 7:18 PM IST
इंदौर में अतिक्रमण कार्रवाई के बाद पथराव कई लोग हिरासत में
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को नगर निगम और जिला प्रशासन के संयुक्त अतिक्रमण-विरोधी अभियान के बाद पथराव की घटना सामने आई। कनाडिया इलाके में चलाए गए इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस के अनुसार मुख्य कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई थी, लेकिन अभियान समाप्त होने के बाद जब मशीनरी और टीमें मौके से लौट रही थीं, तभी कुछ लोगों ने कथित तौर पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया।एडिशनल DCP (जोन-2) अमरेंद्र सिंह ने ANI से बातचीत में बताया कि अतिक्रमण हटाने का अभियान इंदौर नगर निगम की ओर से चलाया गया था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौके पर मौजूद था। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा ऑपरेशन था, जो शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया। हालांकि कार्रवाई खत्म होने के बाद कुछ लोगों ने पीछे से पत्थर फेंके। पुलिस ने मौके पर मौजूद युवकों को खदेड़ा और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।
पुलिस के मुताबिक मौके से करीब 8 से 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या में मामूली अंतर बताया गया है, लेकिन पुलिस अधिकारी के अनुसार घटनास्थल से लगभग 8-9 लोगों को पकड़ा गया। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य और पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।यह कार्रवाई इंदौर के RE-2 रोड के अधूरे हिस्से को पूरा करने के लिए की गई थी। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच करीब एक किलोमीटर लंबा हिस्सा कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस हिस्से में बाधक निर्माण होने के कारण सड़क निर्माण आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इसी को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से कनाडिया क्षेत्र के बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर में अतिक्रमण और बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान JCB और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया गया। प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि मुख्य अभियान बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा कर लिया गया। बाद में मशीनरी की वापसी के समय हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। घायल हुए। हालांकि पुलिस के आधिकारिक बयान में मुख्य जोर स्थिति को नियंत्रित करने और आरोपियों को हिरासत में लेने पर रहा। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को क्षेत्र में बनाए रखा गया ताकि दोबारा तनाव की स्थिति न बने।अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई का मकसद RE-2 सड़क परियोजना के लंबे समय से अटके हिस्से का रास्ता साफ करना है। यह सड़क शहर के यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। अधिकारियों का कहना है कि बाधक निर्माण हटने के बाद सड़क के अधूरे हिस्से को पूरा करने का काम आगे बढ़ाया जा सकेगा।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इस अभियान में बड़ी संख्या में बाधक निर्माण हटाए गए। एक रिपोर्ट में 80 से अधिक निर्माण हटाने की बात कही गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में व्यापक कार्रवाई के दौरान 250 से ज्यादा बाधक निर्माण हटाने का दावा किया गया है। इन आंकड़ों में अंतर होने के कारण प्रशासन की अंतिम आधिकारिक संख्या का इंतजार है।प्रशासन का कहना है कि सड़क निर्माण से स्थानीय यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। अधूरे हिस्से के कारण लंबे समय से ट्रैफिक डायवर्जन और स्थानीय जाम जैसी समस्याएं बनी हुई थीं। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को इसी लंबित परियोजना को पूरा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों के विरोध ने प्रशासनिक कार्रवाई के सामाजिक पहलू को भी सामने ला दिया है। कुछ लोगों का कहना है कि निर्माण हटाने से उनके घर और आजीविका प्रभावित हो रही है। प्रशासन की ओर से पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। फिलहाल अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सड़क परियोजना को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पथराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय की जाएगी।
एडिशनल DCP अमरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और किसी तरह का तनाव नहीं है। पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि सड़क परियोजना से जुड़ी शेष कार्रवाई भी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी रखी जाएगी।इंदौर में हुई यह घटना एक बार फिर बड़े अतिक्रमण-विरोधी अभियानों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा, स्थानीय संवाद और पुनर्वास व्यवस्था की जरूरत को सामने लाती है। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह होगी कि सड़क निर्माण को आगे बढ़ाने के साथ-साथ इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था भी बनाए रखी जाए।
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