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मध्य प्रदेश में ‘नशे से दूरी, है जरूरी 2.0’ अभियान शुरू

भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस ने नशीली दवाओं के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी, है जरूरी 2.0’ (Say No to Drugs) की शुरुआत कर दी है। बुधवार को पूरे प्रदेश में अभियान का आगाज एक बड़ी जन-जागरूकता रैली के साथ हुआ। इस अभियान का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए जागरूक करना और समाज में नशा विरोधी संदेश को मजबूत करना है।
यह अभियान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 15 जुलाई से 30 जुलाई तक पूरे मध्य प्रदेश में चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
पुलिस कमिश्नर ने दिखाई रैली को हरी झंडी
राजधानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले उन्होंने पुलिस अधिकारियों, छात्रों, एनसीसी कैडेट्स, डॉक्टरों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को जागरूकता बैज वितरित किए।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशीली दवाओं से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल पुलिस की भूमिका पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
युवाओं को केंद्र में रखकर अभियान
पुलिस के इस अभियान में युवाओं को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि नशीली दवाओं का सबसे ज्यादा प्रभाव युवा वर्ग पर पड़ता है और समय रहते जागरूकता फैलाकर उन्हें इससे बचाया जा सकता है।
अभियान के दौरान स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छात्रों को नशे के दुष्प्रभाव, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर और इसके सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
एनसीसी कैडेट्स और विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ा गया है, ताकि नशा विरोधी संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
सेल्फी पॉइंट का किया उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अभियान के लिए तैयार किए गए विशेष सेल्फी पॉइंट का भी उद्घाटन किया।
इस सेल्फी पॉइंट का उद्देश्य लोगों को अभियान से जोड़ना और सोशल मीडिया के माध्यम से नशा विरोधी संदेश को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाना है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सेल्फी पॉइंट पर तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया पर साझा करें और नशे के खिलाफ चल रही मुहिम का समर्थन करें।
सोशल मीडिया के जरिए बढ़ेगा जागरूकता अभियान
पुलिस विभाग इस अभियान में सोशल मीडिया को भी एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। जागरूकता संदेश, वीडियो और अन्य सामग्री के माध्यम से लोगों तक नशे के खिलाफ जानकारी पहुंचाई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक आसानी से पहुंच बनाई जा सकती है और उन्हें सकारात्मक संदेशों से जोड़ा जा सकता है।
नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास की जरूरत
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशीली दवाओं का सेवन स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डालता है। कई बार नशे की आदत अपराध की ओर भी ले जा सकती है।
इसी कारण समाज में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभाग को दें।
30 जुलाई तक चलेंगे कार्यक्रम
‘नशे से दूरी, है जरूरी 2.0’ अभियान 30 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
पुलिस विभाग का लक्ष्य है कि अभियान के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक नशे के नुकसान का संदेश पहुंचाया जाए और युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में भागीदार बनाया जाए।
पुलिस का संदेश- स्वस्थ समाज के लिए नशे से दूरी जरूरी
मध्य प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। केवल कानून के जरिए नशे की समस्या को खत्म नहीं किया जा सकता, इसके लिए समाज के सहयोग की आवश्यकता है।
‘नशे से दूरी, है जरूरी 2.0’ अभियान इसी सोच के साथ शुरू किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि जनभागीदारी से यह अभियान प्रभावी साबित होगा और प्रदेश में नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक आंदोलन खड़ा किया जा सकेगा।





