मध्य प्रदेश

महाकाल मंदिर में अफवाह से मची भगदड़, कई श्रद्धालु घायल

Kavita2
17 Aug 2026 12:36 PM IST
महाकाल मंदिर में अफवाह से मची भगदड़, कई श्रद्धालु घायल
x

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार को नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी लंबी कतार में अचानक अफरा-तफरी मच गई। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग क्षेत्र में करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कई श्रद्धालु घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट नाग पंचमी के अवसर पर साल में केवल एक बार खोले जाते हैं। इस विशेष दर्शन के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं।

बताया जा रहा है कि हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप श्रद्धालुओं की कतार बैरिकेडिंग के अंदर लगी हुई थी। इसी दौरान डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट) के पास करंट फैलने की अफवाह फैल गई। अफवाह सुनते ही कतार में खड़े श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और लोग इधर-उधर जाने का प्रयास करने लगे।

अचानक बढ़ी भीड़ और लोगों के पीछे हटने के प्रयास के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ श्रद्धालु गिर गए और उन्हें चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

घायलों को तत्काल उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने घायलों का इलाज शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घायलों में कुछ लोगों को गिरने के कारण चोटें आई हैं।

घटना में घायल श्रद्धालुओं में उज्जैन निवासी हिंदू बाई, ढांचा भवन निवासी सागर पुत्र मनीष (19 वर्ष), लक्ष्मीबाई, गंजबासौदा निवासी अनसूया और उनकी मां ममता, ग्राम सिलवासा निवासी हरिश्चंद्र, वापी गुजरात निवासी हरिश्चंद्र, ग्वालियर निवासी सोनम (18 वर्ष), दरभंगा बिहार निवासी सुजीत कुमार, ग्वालियर निवासी खुशी तथा वलसाड गुजरात निवासी तुलसी और उनकी मां रेखाबाई शामिल हैं।

प्रशासन की ओर से घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। सुरक्षा कर्मियों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित किया और दर्शन व्यवस्था को फिर से सुचारू करने का प्रयास किया गया।

महाकालेश्वर मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार नाग पंचमी सावन के तीसरे सोमवार के साथ पड़ने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम किए थे।

इससे पहले भी प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए कई व्यवस्थाएं की थीं। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रवेश-निकास मार्गों को व्यवस्थित किया गया था। हालांकि अचानक फैली अफवाह के कारण कुछ समय के लिए स्थिति बिगड़ गई।

प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि करंट फैलने की अफवाह किस कारण फैली। अधिकारियों द्वारा घटना की समीक्षा की जा सकती है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

धार्मिक आयोजनों में अफवाहें कई बार बड़ी परेशानी का कारण बन जाती हैं। भीड़ वाले स्थानों पर छोटी सी गलत जानकारी भी लोगों में डर पैदा कर सकती है और भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील करता है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

महाकाल मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। सुरक्षा कर्मियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

घटना के बाद घायल श्रद्धालुओं के परिजनों को भी सूचना दी गई। अस्पताल में भर्ती लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था होती है। साल में केवल एक दिन दर्शन मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।

अधिकारियों का कहना है कि घटना के दौरान किसी बड़े हादसे को होने से रोक लिया गया और स्थिति को जल्द संभाल लिया गया। हालांकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

फिलहाल घटना में घायल श्रद्धालुओं का उपचार जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। करंट की अफवाह के कारण पैदा हुई भगदड़ जैसी स्थिति ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में अफवाह नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की अहमियत को सामने ला दिया है।

Next Story