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मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर, 21 सितंबर तक कई जिलों में अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर के आखिरी सप्ताह में राज्य से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। हालांकि, मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और तूफानी गतिविधियों की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 21 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और आंधी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की सक्रियता में कमी आने के बाद भी प्रदेश में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी और अन्य क्षेत्रों से बनने वाली मौसम प्रणालियों का असर मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ और उज्जैन संभाग के कई क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम जिलों में भी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, नर्मदापुरम संभाग के नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिलों में भी मौसम प्रभावित रहने की संभावना है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
जबलपुर संभाग के कई जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में बारिश हो सकती है। इसके अलावा पांढुर्ना क्षेत्र में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।
रीवा और आसपास के जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश की संभावना जताई गई है।
बुंदेलखंड और आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक आने के बावजूद बारिश की गतिविधियां जारी रहने से किसानों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई क्षेत्रों में खरीफ फसलों के लिए बारिश लाभदायक हो सकती है, जबकि लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। तेज हवाओं और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदेश में एक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने और तापमान में बदलाव आने की संभावना है।





