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इंदौर के GACC कॉलेज में “परीक्षा, परिणाम और प्रभाव” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश ; प्रधानमंत्री उत्कृष्टता महाविद्यालय, श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (GACC), इंदौर में “परीक्षा, परिणाम और प्रभाव” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान की मासिक विशेष व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों स्टाफ की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
यह आयोजन कॉलेज की कलाम कक्षा में संपन्न हुआ, जहां शिक्षा के बदलते स्वरूप और मूल्यांकन प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक मूल्यांकन पद्धतियों के बारे में जागरूक करना था।
मुख्य वक्ता के रूप में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता चन्द्रशेखर ने व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा में मूल्यांकन प्रणाली केवल वार्षिक या सेमेस्टर परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका स्वरूप काफी व्यापक हो गया है।
उन्होंने बताया कि आज के शैक्षणिक ढांचे में सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जिससे छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही व्यावहारिक परियोजनाएं, नियमित असाइनमेंट, इंटरैक्टिव सेमिनार और आंतरिक मूल्यांकन जैसे घटक भी शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
डॉ. ममता चन्द्रशेखर ने कहा कि इस प्रकार की मूल्यांकन पद्धतियाँ छात्रों की समझ, विश्लेषण क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी शिक्षा प्रणाली में हो रहे बदलावों पर अपने विचार साझा किए। कई प्रतिभागियों ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि कौशल आधारित ज्ञान विकसित करना भी है।
विशेष व्याख्यान श्रृंखला के इस सत्र को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया गया। इसमें शामिल प्रतिभागियों ने शिक्षा के बदलते स्वरूप को समझने और उसे लागू करने पर जोर दिया।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि शिक्षकों और छात्रों दोनों को शैक्षणिक नवाचारों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ा जा सके।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर सीखने और विकास की प्रक्रिया है, जो छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।





