- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- गुना जिला अस्पताल में...

मध्य प्रदेश : गुना जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल में नल से भरी गई पानी की बोतल के अंदर सांप मिलने से मरीजों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों ने इस घटना के बाद पीने के पानी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
घटना गुरुवार की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में एक मरीज के परिवार ने पीने के लिए पानी की बोतल भरी थी। जब उन्होंने बोतल को ध्यान से देखा तो उसमें एक छोटा सांप दिखाई दिया। बोतल के अंदर सांप को रेंगता देख मरीज और उनके परिजन घबरा गए।
बोतल में सांप देखकर मची अफरा-तफरी
घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पानी की बोतल को अपने हाथ में लेकर देखा, जिसमें सांप साफ नजर आ रहा था। इसके बाद किसी ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है।
वीडियो में एक व्यक्ति के हाथ में पानी की बोतल दिखाई दे रही है। बोतल के अंदर पानी में एक सांप रेंगता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल में मिलने वाले पानी की गुणवत्ता और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
मरीजों ने उठाए सवाल
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोग पहले ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में अगर पीने के पानी में ही इस तरह की लापरवाही सामने आती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
लोगों ने सवाल उठाया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर पीने के पानी की नियमित जांच और साफ-सफाई क्यों नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि दूषित पानी से मरीजों की सेहत पर और ज्यादा असर पड़ सकता है।
अस्पताल प्रबंधन से जवाब की मांग
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पानी की व्यवस्था की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित पेयजल मिल सके।
हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सांप पानी की बोतल तक कैसे पहुंचा और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई।
पेयजल व्यवस्था की जांच जरूरी
#WATCH | Snakelet Found In Tap Water After Patient's Kin Refills Bottle At Guna District Hospital#MadhyaPradesh #BabySnake #DrinkingWater #MPNews pic.twitter.com/as0tP5EfN1
— Free Press Madhya Pradesh (@FreePressMP) August 27, 2026
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों में साफ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कई बार कमजोर होती है, ऐसे में दूषित पानी उनके लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
अस्पतालों में पानी की टंकियों, पाइपलाइन और पानी भरने की व्यवस्था की नियमित जांच होनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल सकती है।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चिंता
सांप वाली पानी की बोतल का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर लोग अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
फिलहाल पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। अस्पताल प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर सकता है कि पानी की बोतल में सांप कैसे पहुंचा और पानी की सप्लाई व्यवस्था में कहां कमी रही।
घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जरूरी कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।





