मध्य प्रदेश

दूध मावा पनीर की जांच में चौंकाने वाला खुलासा MP में हजारों किलो माल जब्त

Ratna Netam
10 Aug 2026 10:03 PM IST
दूध मावा पनीर की जांच में चौंकाने वाला खुलासा  MP में हजारों किलो माल जब्त
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भोपाल : रक्षाबंधन से पहले मध्य प्रदेश में दूध और उससे बने उत्पादों में मिलावट के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने 20 जुलाई से 10 अगस्त तक प्रदेशभर में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान दूध, मावा, पनीर, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों के कुल 2,234 नमूने लिए गए। जांच और कार्रवाई के दौरान 44,407 किलो दूध एवं दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 2.73 करोड़ रुपये बताई गई है। प्राथमिक जांच में कुछ नमूनों में डिटर्जेंट और अन्य खतरनाक रासायनिक पदार्थों की मौजूदगी भी सामने आई है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने दूध और उससे बनने वाले उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी शुरू की थी। रक्षाबंधन के दौरान दूध, मावा, पनीर और घी की मांग काफी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में डेयरी, मिठाई दुकानों, मावा कारोबारियों, घी वितरकों और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अभियान के दौरान अधिकारियों ने संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लेने के साथ बड़ी मात्रा में उत्पादों को जब्त भी किया।
अभियान में लिए गए कुल 2,234 नमूनों में 849 दूध, 106 मावा, 296 पनीर, 601 घी और 382 अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने शामिल हैं। खाद्य प्रयोगशाला में प्राथमिकता के आधार पर 321 नमूनों की जांच की गई। इनमें 248 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि 73 नमूने अमानक निकले। सबसे गंभीर स्थिति 14 नमूनों में सामने आई, जिन्हें असुरक्षित पाया गया। इन नमूनों में डिटर्जेंट सहित अन्य रासायनिक पदार्थों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक असुरक्षित पाए गए नमूनों के निर्माण और सप्लाई के स्रोत की पहचान की जा रही है। जिन कारोबारियों के उत्पाद जांच में असुरक्षित पाए गए हैं, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी प्रतिबंधात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन में घी की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कई ब्रांडों को भी जांच के दायरे में लिया है। 25 से अधिक संदिग्ध घी ब्रांडों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच में द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन, दानेदार, भूमि, धौलपुर फ्रेश, वास्तु और गोपी श्री समेत कुछ ब्रांडों के नमूने असुरक्षित पाए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
राजधानी भोपाल में भी खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। शहर में डेयरियों, मावा कारोबारियों और घी वितरकों के यहां जांच के दौरान 5,116 किलो घी और 171 किलो पनीर जब्त किया गया। इस तरह भोपाल में कुल 5,287 किलो दुग्ध उत्पाद कार्रवाई की जद में आए। अधिकारियों ने दूध, मिक्स मिल्क, दही, पनीर, घी और मावा समेत विभिन्न उत्पादों के 17 नमूने भी जांच के लिए लिए हैं।
भोपाल में हुई कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर प्रथम दृष्टया संदिग्ध घी और पनीर मिलने के बाद उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया। कई जगहों से बड़ी मात्रा में घी जब्त किया गया और उसके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में सबसे चिंता बढ़ाने वाला मामला दूध में डिटर्जेंट मिलने का सामने आया। एक डेयरी से लिए गए दूध के नमूने की जांच में बड़ी मात्रा में डिटर्जेंट पाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित कारोबारी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। इसी तरह जब्त किए गए मावे के नमूने की जांच रिपोर्ट में भी मिलावट की पुष्टि हुई, जिसके बाद संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस निलंबित किया गया।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई केवल नमूने लेने और सामग्री जब्त करने तक सीमित नहीं रही। अभियान के दौरान 8 खाद्य लाइसेंस या पंजीयन निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 38 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। एक मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की खपत तेजी से बढ़ती है। दूध से बनने वाली मिठाइयों, मावा, पनीर और घी की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन का यह अभियान उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 44,407 किलो से अधिक दुग्ध उत्पादों की जब्ती और प्राथमिक जांच में 14 नमूनों के असुरक्षित पाए जाने से बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठे हैं।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच जारी रहेगी। खासतौर पर घी, मावा, पनीर और दूध की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य त्योहारी बाजार में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाना है, ताकि लोगों तक सुरक्षित खाद्य उत्पाद पहुंच सकें।
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