मध्य प्रदेश

मूंग खरीदी विवाद पर शिवराज का जवाब, बोले MP को मिला सबसे ज्यादा कोटा

Saba Naaz
29 July 2026 9:30 PM IST
मूंग खरीदी विवाद पर शिवराज का जवाब, बोले MP को मिला सबसे ज्यादा कोटा
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भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि प्रदेश को देश में सबसे अधिक मूंग खरीदी का कोटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मूल्य समर्थन योजना (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत स्वीकृत कुल मूंग खरीदी में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 87 प्रतिशत है। शिवराज ने राज्य सरकार से किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजे पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त मूंग खरीदी कोटा बढ़ाने की मांग को लेकर पत्र भेजा गया था। इस पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र ने मध्य प्रदेश के लिए 4.54 लाख टन मूंग खरीदी की मंजूरी दी है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना के अंतर्गत संचालित प्राइस सपोर्ट स्कीम के नियमों के अनुसार राज्यों में अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही समर्थन मूल्य पर खरीदी की अनुमति दी जाती है। केंद्र सरकार राज्यों के लिए मनमाने तरीके से खरीदी लक्ष्य तय नहीं करती, बल्कि तय नियमों के आधार पर मात्रा निर्धारित की जाती है।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस वर्ष मध्य प्रदेश को मिली 4,54,580 टन मूंग खरीदी की स्वीकृति देश में सबसे बड़ी है। इसके मुकाबले उत्तर प्रदेश को 48,298 टन, गुजरात को 18,250 टन और हरियाणा को 2,115 टन मूंग खरीदी की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सबसे बड़ा कोटा उपलब्ध कराया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य में केंद्रीय एजेंसियां निर्धारित 25 प्रतिशत सीमा के अनुसार पूरी खरीदी कर लेती हैं और इसके बाद भी किसानों की उपज खरीदने की आवश्यकता होती है तो नियमों के तहत अतिरिक्त खरीदी का प्रावधान मौजूद है। इसके लिए सचिवों की समिति निर्णय ले सकती है। वहीं, राज्य सरकार अपने स्तर पर भी स्वीकृत सीमा से अधिक खरीदी कर सकती है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने अपने पत्र में पिछले वर्षों के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी की मात्रा लगातार बढ़ाई गई है। वर्ष 2021-22 और 2022-23 में प्रदेश को 2.75 लाख टन मूंग खरीदी की अनुमति मिली थी। इसके बाद वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 3.30 लाख टन, वर्ष 2024-25 में 4.19 लाख टन और वर्ष 2025-26 में 4.54 लाख टन हो गई।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भी मध्य प्रदेश सरकार ने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मात्रा में मूंग का उपार्जन किया है। इसलिए किसानों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार को वर्तमान खरीदी प्रक्रिया को तेज गति से पूरा करना चाहिए।

मूंग खरीदी की प्रक्रिया प्रदेश में 1 जुलाई से शुरू हुई है और यह 10 अगस्त तक चलेगी। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अब तक लगभग 60 हजार टन मूंग की ही खरीदी हो पाई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में स्वीकृत मात्रा की खरीदी पूरी करने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है।

दरअसल, प्रदेश के कई किसान संगठन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उत्पादन अधिक होने के कारण उन्हें अपनी पूरी उपज बेचने में परेशानी आ रही है। वहीं, सरकार का तर्क है कि केंद्र द्वारा तय नियमों के अनुसार खरीदी की जा रही है और किसानों को उचित समर्थन मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मूंग खरीदी को लेकर किसानों और सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच शिवराज सिंह चौहान का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि केंद्र की ओर से मध्य प्रदेश को सबसे बड़ा कोटा दिया गया है और अब राज्य सरकार को तेजी से खरीदी पूरी करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

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