मध्य प्रदेश

Shivpuri: भीमपुर गांव में परमाणु ऊर्जा परियोजना को मिली हरी झंडी, क्षमता 2800 मेगावाट

Admindelhi1
12 April 2025 3:22 PM IST
Shivpuri: भीमपुर गांव में परमाणु ऊर्जा परियोजना को मिली हरी झंडी, क्षमता 2800 मेगावाट
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यह संयंत्र नरवर तहसील में मणिखेड़ा डैम के पास प्रस्तावित है

शिवपुरी: शिवपुरी जिले को ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक पहचान मिलने जा रही है। केंद्र सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग ने शिवपुरी के भीमपुर गांव में 2800 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्र को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह संयंत्र नरवर तहसील में मणिखेड़ा डैम के पास प्रस्तावित है। 28 मार्च 2025 को जारी आधिकारिक पत्र में यह जानकारी दी गई है। जिसे न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक को भेजा गया है।

चार यूनिट में होगा बिजली उत्पादन

परियोजना के तहत 700-700 मेगावाट क्षमता के चार यूनिट लगाए जाएंगे। यह संयंत्र मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। इसके लिए NPCIL को प्री-प्रोजेक्ट गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

ग्राम पंचायत भीमपुर का ही चुनाव क्यूं ?

बताया गया है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए जिन प्राकृतिक संसाधनों की आवश्यकता होती है, वे इस क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ठंडा और स्थिर मौसम, साथ ही पर्याप्त जल स्रोत। ये दोनों ही कारक भीमपुर को इस परियोजना के लिए उपयुक्त बनाते हैं। मणिखेड़ा डैम में सालभर भरपूर पानी रहता है, जो परमाणु संयंत्र को संचालित करने के लिए बेहद जरूरी है।

मणिखेड़ा डैम के पानी से चलेगा संयंत्र

शिवपुरी में बनने वाले इस संयंत्र के संचालन के लिए आवश्यक जल आपूर्ति मणिखेड़ा डैम से की जाएगी। इसके लिए 120 एमसीएम वाटर बैराज और 40 एमसीएम बैलेंसिंग रिजर्व वेल की योजना भी तैयार कर ली गई है। परमाणु ऊर्जा विभाग ने इस दिशा में प्रारंभिक सर्वे और जमीन चिन्हांकन का कार्य पूरा कर लिया है।

प्रदेश में चार जिलों में प्रस्तावित हैं परमाणु परियोजनाएं

मध्यप्रदेश में अभी कोई सक्रिय परमाणु संयंत्र नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार ने चार जिले शिवपुरी, मंडला, देवास और नीमच में परमाणु परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बनाई है। शिवपुरी में भूमि चयन और तकनीकी सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जबकि अन्य जिलों में अभी सर्वे और परीक्षण का कार्य चल रहा है।

प्रदेश बनेगा ऊर्जा आत्मनिर्भर

यह परमाणु ऊर्जा परियोजना न केवल मध्यप्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा नेटवर्क को भी मजबूती देगी। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि अगले 2 से 3 सालों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे स्थानीय रोजगार, आधारभूत विकास और ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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