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Shivpuri : सड़क किनारे मिला नवजात, डायल-112 टीम ने बचाकर अस्पताल में कराया भर्ती

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मंगलवार को एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां सड़क किनारे एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।
यह मामला शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के अगरारा गांव का है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे नवजात को देख तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में हुई इस घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया। शिशुओं के अनुसार, सुबह के समय जब लोग अपने दैनिक कार्यों में लगे थे, तभी सड़क किनारे एक नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखने पर पता चला कि बच्चा लावारिस हालत में पड़ा हुआ था।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और बच्चे को सुरक्षित रखने की कोशिश की। इसके बाद डायल-112 की टीम तेजी से मौके पर पहुंची और नवजात को अपने संरक्षण में लिया।
पुलिस और बचाव दल ने बच्चे की स्थिति को देखते हुए बिना देर किए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने का निर्णय लिया। नवजात को तुरंत Pohri Community Health Center पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल नवजात की देखभाल अस्पताल में की जा रही है और मेडिकल टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ने के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी पूछताछ की जा रही है ताकि बच्चे के परिजनों की पहचान हो सके।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद गंभीर संकेत हैं और इन्हें रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और कड़े कदमों की जरूरत है।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नवजात को छोड़ने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
डायल-112 टीम की तत्परता की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। यदि समय पर टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। त्वरित कार्रवाई के कारण नवजात को सुरक्षित बचा लिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि यह मामला गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल नवजात अस्पताल में सुरक्षित है और उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी को इस घटना से संबंधित कोई जानकारी हो तो वह पुलिस के साथ साझा करे, ताकि मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जा सके।





