- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- शांतनु मोइत्रा को...
शांतनु मोइत्रा को मिलेगा ‘राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026’, दो दिन सजेगी संगीत की महफिल

इंदौर। स्वर कोकिला लता मंगेशकर की स्मृति में आयोजित होने वाला दो दिवसीय प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार’ समारोह और संगीत संध्या रविवार से लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में शुरू होगी। समारोह के दूसरे दिन सोमवार को प्रसिद्ध संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को ‘राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान संगीत प्रेमियों के लिए विशेष प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी और दोनों दिन प्रवेश निशुल्क रहेगा।
संस्कृति विभाग के निदेशक एनपी नामदेव ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 27 सितंबर को शाम 7 बजे ‘अमर लता हमारी लता...’ शीर्षक से विशेष संगीत संध्या आयोजित की जाएगी। इसमें शहर के कई गायक लता मंगेशकर की स्मृति में अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
संगीत संध्या में अभय आहूजा, विवेक भारद्वाज, संजोत बारोट, पद्मा शुक्ला, सुषमा राव, सिद्धार्थ दुबे, वैशाली चौहान, मुस्कान चौहान, सौम्या सिन्हा और दीपिका पुरोहित अपनी गायकी का रंग बिखेरेंगे। कार्यक्रम में लता मंगेशकर की संगीत यात्रा और उनके गीतों की यादों को संगीत के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।
कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू होगा और इसमें आम लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। आयोजकों की ओर से संगीत प्रेमियों को कार्यक्रम में शामिल होकर प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर दिया जा रहा है।
दो दिवसीय आयोजन का प्रमुख आकर्षण सोमवार को होने वाला पुरस्कार समारोह रहेगा। सोमवार शाम 7 बजे लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में ‘राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026’ प्रदान किया जाएगा। इस वर्ष प्रतिष्ठित सम्मान के लिए प्रसिद्ध संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा का चयन किया गया है।
शांतनु मोइत्रा भारतीय फिल्म संगीत की दुनिया में जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने संगीत निर्देशन के जरिए अलग पहचान बनाई है। अब संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार के जरिए सम्मानित किया जाएगा।
राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार के तहत सम्मानित कलाकार को पांच लाख रुपये की टैक्स-फ्री नकद राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही प्रशस्ति पत्र और स्मृति पट्टिका भी दी जाती है। पुरस्कार का उद्देश्य संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करना और लता मंगेशकर की संगीत विरासत को आगे बढ़ाना है।
सोमवार को होने वाला आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहेगा। सम्मान समारोह के बाद संगीत की विशेष संध्या भी आयोजित की जाएगी। इसमें प्रसिद्ध गायन जोड़ी सचेत-परंपरा अपनी प्रस्तुति देगी।
सचेत-परंपरा की प्रस्तुति को लेकर संगीत प्रेमियों में उत्साह रहने की उम्मीद है। दोनों कलाकार अपने गीतों और संगीत के लिए जाने जाते हैं। पुरस्कार समारोह के बाद उनकी प्रस्तुति दो दिवसीय आयोजन के समापन का प्रमुख आकर्षण होगी। इस कार्यक्रम में भी दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है।
दो दिनों के इस आयोजन को लता मंगेशकर की यादों और भारतीय संगीत को समर्पित किया गया है। पहले दिन स्थानीय गायकों की प्रस्तुतियां होंगी, जबकि दूसरे दिन राष्ट्रीय स्तर के कलाकार को सम्मानित करने के साथ प्रसिद्ध गायन जोड़ी की प्रस्तुति होगी।
लता मंगेशकर का संगीत से गहरा और ऐतिहासिक रिश्ता रहा है। उनकी आवाज ने कई दशकों तक भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। अलग-अलग भाषाओं में गाए उनके हजारों गीत आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह संगीत के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण मंच है।
‘अमर लता हमारी लता...’ संगीत संध्या के जरिए रविवार को उनके गीतों और संगीत की विरासत को याद किया जाएगा। शहर के कलाकार अपने अंदाज में प्रस्तुतियां देकर स्वर कोकिला को संगीतमय श्रद्धांजलि देंगे।
कार्यक्रम में अलग-अलग पीढ़ियों के गायकों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। अभय आहूजा, विवेक भारद्वाज, संजोत बारोट, पद्मा शुक्ला, सुषमा राव, सिद्धार्थ दुबे, वैशाली चौहान, मुस्कान चौहान, सौम्या सिन्हा और दीपिका पुरोहित की प्रस्तुतियों के जरिए शाम पूरी तरह संगीत के नाम रहेगी।
इसके अगले दिन सोमवार को शांतनु मोइत्रा को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के साथ मिलने वाली पांच लाख रुपये की राशि टैक्स-फ्री होगी। प्रशस्ति पत्र और पट्टिका के जरिए भी उनके संगीत क्षेत्र में योगदान को सम्मान दिया जाएगा।
आयोजकों ने दोनों दिन कार्यक्रम का समय शाम 7 बजे निर्धारित किया है। रविवार की संगीत संध्या और सोमवार के पुरस्कार समारोह तथा सचेत-परंपरा की प्रस्तुति के लिए किसी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।
दो दिन तक चलने वाला यह आयोजन लता मंगेशकर के प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के लिए विशेष अवसर होगा। पहले दिन शहर के कलाकारों के जरिए उनकी स्मृतियों को संगीत में पिरोया जाएगा और दूसरे दिन संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
समारोह के समापन पर सचेत-परंपरा की प्रस्तुति आयोजन को और खास बनाएगी। इस तरह लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में दो दिनों तक संगीत, सम्मान और स्वर कोकिला की यादों का संगम देखने को मिलेगा।
राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार समारोह के माध्यम से एक तरफ संगीत क्षेत्र की प्रतिष्ठित प्रतिभाओं को सम्मान दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी को लता मंगेशकर की समृद्ध संगीत विरासत से जोड़ने का प्रयास भी किया जाता है।
इस वर्ष शांतनु मोइत्रा को मिलने वाला सम्मान और सचेत-परंपरा की प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। वहीं पहले दिन होने वाली ‘अमर लता हमारी लता...’ संगीत संध्या से दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत होगी।





