मध्य प्रदेश

SGSITS में शुरू होगा रोबोटिक्स और AI में बीई कोर्स

Kavita2
1 May 2026 10:30 AM IST
SGSITS में शुरू होगा रोबोटिक्स और AI में बीई कोर्स
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (SGSITS) ने एक बड़ा शैक्षणिक कदम उठाते हुए रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। यह मध्य प्रदेश का पहला सरकारी सहायता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेज बन गया है, जो इस तरह का विशेषीकृत कोर्स शुरू कर रहा है।

यह नया शैक्षणिक कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होगा। इसे तकनीकी शिक्षा में एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है, जो बदलती टेक्नोलॉजी और उद्योग की जरूरतों के अनुसार छात्रों को तैयार करेगा। इस कदम को ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) की मंजूरी मिल चुकी है।

यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत हो रहे शैक्षणिक पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। SGSITS को इसके साथ-साथ BDes (डिज़ाइन) और सिविल इंजीनियरिंग (हिंदी माध्यम) कोर्स शुरू करने की भी मंजूरी मिली है। इन सभी कोर्सों में 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं, जबकि रोबोटिक्स और AI प्रोग्राम में भी 30 सीटों की व्यवस्था की गई है।

रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में प्रोफेशनल्स की बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्योग जगत में ऑटोमेशन और AI आधारित तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण इस क्षेत्र में प्रशिक्षित इंजीनियरों की आवश्यकता भी बढ़ी है।

अब तक मध्य प्रदेश के छात्रों को रोबोटिक्स और AI जैसे विशेष कोर्सों के लिए या तो निजी संस्थानों का रुख करना पड़ता था या राज्य से बाहर जाना पड़ता था। ऐसे में लगभग 70 साल पुराने SGSITS का इस क्षेत्र में प्रवेश छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

इस नए कोर्स के शुरू होने से राज्य में तकनीकी शिक्षा का दायरा और मजबूत होगा। अब छात्रों को जेईई मेन काउंसलिंग के माध्यम से मेरिट के आधार पर इस कोर्स में प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा, जिससे अधिक योग्य और प्रतिभाशाली छात्रों को लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम मध्य प्रदेश को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नए हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे न केवल छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा मिलेगी, बल्कि उद्योगों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

AICTE और National Education Policy 2020 के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू किया गया यह कार्यक्रम राज्य में उच्च तकनीकी शिक्षा के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

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