मध्य प्रदेश

Satna : कुएं में गिरे सांड को बचाने के प्रयास में दम घुटने से तीन लोगों की मौत

Kavita2
4 July 2026 4:11 PM IST
Satna : कुएं में गिरे सांड को बचाने के प्रयास में दम घुटने से तीन लोगों की मौत
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : सतना जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें कुएं में गिरे एक सांड को बचाने के प्रयास में तीन ग्रामीणों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। यह हादसा मानवीय प्रयास के दौरान हुई बड़ी त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना अमरपाटन थाना क्षेत्र के खारमसेड़ा गांव के अहिरन टोला में शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे हुई। बताया गया कि एक 40 फीट गहरे कुएं में एक सांड गिर गया था, जिसे बचाने के लिए ग्रामीणों ने तत्काल प्रयास शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सांड को बाहर निकालने के लिए एक के बाद एक चार ग्रामीण कुएं में उतरे। शुरुआती प्रयास तो मदद करने के उद्देश्य से किए गए थे, लेकिन जैसे ही वे अंदर पहुंचे, वहां मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण हालात बिगड़ने लगे।

कुएं के भीतर पर्याप्त हवा न होने और गैस के प्रभाव से तीन लोगों की मौके पर ही दम घुटने से मौत हो गई। चौथा व्यक्ति किसी तरह बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया और उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

अमरपाटन पुलिस स्टेशन के प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्रामीणों द्वारा सांड को बचाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन कुएं के अंदर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण यह बड़ा हादसा हो गया।

घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बचाव कार्य के लिए सुरक्षा उपकरण या विशेषज्ञ मदद ली गई होती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आगे की जांच शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घायल व्यक्ति का इलाज जारी है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कुएं के अंदर लंबे समय से वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण जहरीली गैस जमा हो गई थी। इसी वजह से अंदर उतरने वाले लोगों को सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की आपात स्थितियों में बिना सुरक्षा उपकरण और विशेषज्ञ सहायता के किसी भी गहरे कुएं या बंद जगह में न उतरें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।

कुल मिलाकर, सतना की यह घटना मानवीय संवेदनाओं और लापरवाही के बीच एक ऐसी त्रासदी बन गई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

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