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Sanwer : घटिया मूंगफली बीज वितरण पर विवाद, जांच के आदेश जारी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : सांवेर क्षेत्र में किसानों को कथित रूप से घटिया गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है और उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसानों का आरोप है कि खराब बीजों के कारण फसल की पैदावार प्रभावित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
किसानों के अनुसार, बीजों का अंकुरण सही तरीके से नहीं हुआ और फसल उत्पादन उम्मीद से काफी कम रहा। इससे उनकी खेती पर निर्भर आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि पहले से ही कृषि लागत बढ़ने के बीच इस तरह की स्थिति ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है।
यह मामला सबसे पहले भारतीय किसान मजदूर सेना के अध्यक्ष बबलू जाधव द्वारा उठाया गया था। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए बीज वितरण प्रक्रिया की जांच की मांग की थी। इसके अलावा, क्षेत्र के कुछ कृषि विभाग के फील्ड स्तर के अधिकारियों ने भी बीज की गुणवत्ता को लेकर शुरुआती स्तर पर चिंता जताई थी।
आरोप है कि इन आपत्तियों के बावजूद बीजों का वितरण दबाव में किया गया, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों और संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच की जाती तो इस तरह का नुकसान रोका जा सकता था।
मामला तूल पकड़ने के बाद इसे भोपाल स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। वहां से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी इंदौर में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संयुक्त निदेशक को सौंपी गई है।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच में बीज वितरण प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, किसानों में इस मुद्दे को लेकर असंतोष बना हुआ है और वे मांग कर रहे हैं कि जांच तेजी से पूरी की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके। प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
यह विवाद अब क्षेत्र में कृषि व्यवस्था और बीज वितरण प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा मुद्दा बन गया है।





