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Sagar : इलाज में लापरवाही से 19 महीने के बच्चे की आंखों की रोशनी जाने का आरोप

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : सागर जिले के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान कथित तौर पर गलत दवा दिए जाने से 19 महीने के एक बच्चे की आंखों की रोशनी चले जाने का मामला सामने आया है। यह घटना रविवार को सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि इलाज के दौरान दी गई दवा के कारण बच्चे की आंखों की स्थिति अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय में उसकी दृष्टि प्रभावित हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि इलाज सही तरीके से नहीं किया गया, जिससे बच्चे की स्थिति गंभीर हो गई।
सागर
— Prime News (@PrimeNewsInd) June 29, 2026
सागर जिले के बंडा में एक पिता ने सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है शिकायत के अनुसार इलाज के बाद 19 महीने के बेटे विनय विश्वकर्मा की हालत बिगड़ गई और बाद में भोपाल में
इलाज के दौरान परिवार को बताया गया कि बच्चा अब स्थायी रूप से दृष्टिहीन हो गया है।… pic.twitter.com/cDJPJthNAb
इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों ने अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधा और निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
अब ये 19 महीने का बच्चा कभी देख नहीं पाएगा,
— खुरपेंच (@khurpenchh) June 28, 2026
क्यूँकी सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान इसकी आखों में आई ड्रॉप की जगह कफ सीरप डाल दिया गया
📍सागर,मध्यप्रदेश pic.twitter.com/sCYbLgfwhn
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़ी सभी मेडिकल रिपोर्ट और रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। साथ ही संबंधित डॉक्टर और स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल बच्चा इलाजाधीन बताया जा रहा है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना के बाद अस्पताल में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहस तेज हो गई है और लोग जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।





