मध्य प्रदेश

इंदौर में टेस्टिंग के दौरान फटी सड़क, पानी से भरा रास्ता

Kavita2
18 Aug 2026 3:59 PM IST
इंदौर में टेस्टिंग के दौरान फटी सड़क, पानी से भरा रास्ता
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार को स्मार्ट सिटी इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नई बिछाई गई पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान अचानक सड़क का एक हिस्सा फट गया। पाइपलाइन में दबाव बढ़ने के बाद तेज रफ्तार से पानी बाहर निकलने लगा और देखते ही देखते सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई।

यह घटना गोराकुंड चौराहे से करीब 20 मीटर दूर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बिछाई गई नई पानी की पाइपलाइन को जोड़ने और उसकी क्षमता जांचने के लिए टेस्टिंग की जा रही थी। इसी दौरान अचानक पाइपलाइन में तकनीकी समस्या आने से पानी का दबाव बढ़ गया और सड़क के बीचों-बीच से पानी निकलने लगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में सड़क के नीचे से पानी रिसता हुआ दिखाई दिया। कुछ ही समय में पानी का बहाव तेज हो गया और सड़क की सतह टूटने लगी। देखते ही देखते सड़क का एक हिस्सा धंस गया और वहां बड़ा गड्ढा बन गया।

घटना के समय सड़क से कई वाहन गुजर रहे थे। अचानक सड़क फटने और पानी निकलने से वाहन चालकों में घबराहट फैल गई। कई लोग तुरंत अपने वाहन रोककर सुरक्षित स्थान की ओर चले गए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के बीचों-बीच अचानक पानी का तेज बहाव शुरू होता है। इसके बाद सड़क का हिस्सा टूटकर नीचे धंस जाता है और देखते ही देखते आसपास का क्षेत्र पानी से भर जाता है। इस दौरान वहां मौजूद लोग सतर्क होकर पीछे हटते नजर आ रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पानी के बहाव को नियंत्रित करने और प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

बताया जा रहा है कि पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान पानी का दबाव सामान्य से अधिक हो गया, जिसके कारण यह समस्या सामने आई। हालांकि, घटना के बाद तकनीकी टीम पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पाइपलाइन में कोई तकनीकी खामी थी या टेस्टिंग प्रक्रिया के दौरान कोई लापरवाही हुई।

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें सड़क निर्माण, जल आपूर्ति व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं। लेकिन इस घटना के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क टूटने के दौरान कोई वाहन वहां फंस जाता या कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने मांग की है कि शहर में चल रहे विकास कार्यों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के बाद उसकी टेस्टिंग एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इस दौरान पाइपलाइन की मजबूती, दबाव सहने की क्षमता और जोड़ की गुणवत्ता की जांच की जाती है। यदि कहीं तकनीकी कमी रह जाती है तो इस तरह की घटनाएं सामने आ सकती हैं।

इंदौर स्मार्ट सिटी अधिकारियों ने घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र की स्थिति को सामान्य करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क पर जमा पानी को हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की तैयारी की जा रही है।

शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण एजेंसियों की निगरानी बढ़ाई जाए।

फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लेकिन सड़क फटने और अचानक पानी का तेज बहाव शुरू होने की घटना ने स्मार्ट सिटी परियोजना के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान यह समस्या किस वजह से आई और इसके लिए कौन से कारण जिम्मेदार थे।

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