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Rewa एमपी के मऊगंज हमले में एएसआई की मौत, कई पुलिसकर्मी घायल

Rewa रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा संभाग के मऊगंज जिले में ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने पर एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह जानकारी शनिवार को पुलिस ने दी। यह घटना रीवा से करीब 70 किलोमीटर दूर मऊगंज के शाहपुर थाना क्षेत्र के गदरा गांव में हुई। आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले हमलावरों ने एक प्रशासनिक अधिकारी को भी बंधक बना लिया। हालांकि, अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारी को सुरक्षित बचा लिया गया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात एक आदिवासी परिवार द्वारा एक व्यक्ति का कथित तौर पर अपहरण कर उसकी हत्या किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस गदरा गांव पहुंची। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी सनी दुबे के रूप में हुई है। कथित हत्या की घटना के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा गांव में धारा 144 लागू किए जाने के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया। शनिवार को जब पुलिस टीम दोबारा वहां पहुंची तो आदिवासियों ने पुलिस टीम और मऊगंज प्रशासन के अधिकारियों पर हमला कर दिया।
आदिवासियों ने कुल्हाड़ी और अन्य हथियारों से पुलिस टीम का पीछा किया, पत्थरबाजी की। हमले में ट्रैफिक इंस्पेक्टर संदीप भारती और सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) अंकिता सुल्या समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसडीपीओ सुल्या ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था और शनिवार देर रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें बचाया गया। आसपास के थानों और पड़ोसी रीवा जिले से भी पुलिसकर्मी भेजे गए। मऊगंज रीवा जिले के अंतर्गत आता था और इसे 2023 में अलग जिले के रूप में बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक, घटना कुछ महीने पहले एक कथित सड़क दुर्घटना में अशोक कुमार नामक आदिवासी व्यक्ति की मौत से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक, कुमार की मौत सड़क दुर्घटना में हुई थी, हालांकि, उसके परिवार ने तब आरोप लगाया था कि उसकी हत्या सनी दुबे ने की है। शुक्रवार को जब आदिवासियों ने सनी दुबे को अकेला पाया तो उन्होंने उसका अपहरण कर लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। शनिवार शाम को जब पुलिस दुबे को बचाने के लिए वहां पहुंची तो उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है, क्योंकि विपक्षी कांग्रेस ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति 'जंगलराज' से भी बदतर हो गई है। यहां तक कि पुलिस भी सुरक्षित नहीं है।"





