मध्य प्रदेश

मूंग खरीद विवाद के बीच सरकार को राहत, तय लक्ष्य के दायरे में रही खरीद; नहीं पड़ेगा वित्तीय बोझ

Kavita2
28 Aug 2026 12:38 PM IST
मूंग खरीद विवाद के बीच सरकार को राहत, तय लक्ष्य के दायरे में रही खरीद; नहीं पड़ेगा वित्तीय बोझ
x

भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग की खरीद को लेकर कई दिनों तक चले किसान आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बाद अब सरकार के लिए राहत की खबर सामने आई है। किसानों की मांगों और सरकार के फैसलों के बीच मूंग की खरीद केंद्रों पर हुई खरीद तय लक्ष्य के दायरे में ही रही है। इसके चलते राज्य सरकार पर मूंग खरीद का कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

मूंग खरीद को लेकर किसानों ने लंबे समय तक आंदोलन किया था। इसका असर राजधानी भोपाल समेत कई इलाकों में देखने को मिला था। किसानों ने सड़कें जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों ने खरीद सीमा बढ़ाने की मांग की थी

मूंग की खरीद को लेकर किसानों की मुख्य मांग थी कि सरकार खरीद की सीमा बढ़ाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का मौका मिल सके।

किसानों का कहना था कि उत्पादन अधिक होने के कारण कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वे चाहते थे कि सरकार खरीद की मात्रा बढ़ाकर उन्हें राहत दे।

किसानों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने 29 जुलाई को बड़ा फैसला लेते हुए मूंग खरीद की सीमा बढ़ा दी।

25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत हुई सीमा

सरकार ने किसानों की मांग को देखते हुए मूंग खरीद की सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया।

इस फैसले के बाद उम्मीद थी कि सरकारी खरीद में काफी वृद्धि होगी और राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार आ सकता है।

हालांकि, खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आया कि केंद्रों पर हुई खरीद निर्धारित लक्ष्य के भीतर ही रही।

सरकार पर नहीं आएगा अतिरिक्त खर्च

अधिकारियों के अनुसार, केंद्रों पर मूंग की खरीद तय सीमा के अंदर रहने के कारण राज्य सरकार को अतिरिक्त राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी।

इससे सरकार को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। अगर खरीद तय सीमा से अधिक होती तो सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय जिम्मेदारी आ सकती थी।

लेकिन वर्तमान स्थिति में खरीद प्रक्रिया केंद्र और राज्य के तय प्रावधानों के अनुसार ही पूरी हुई है।

आंदोलन के कारण राजधानी में भी असर

मूंग खरीद के मुद्दे को लेकर किसानों के आंदोलन का असर राजधानी भोपाल में भी देखने को मिला था।

किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था और कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ था।

दो दिनों तक राजधानी के कई हिस्सों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन को यातायात व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।

सरकार ने बातचीत से निकाला समाधान

किसानों के विरोध के बाद सरकार ने उनसे बातचीत की और उनकी मांगों पर विचार किया।

इसके बाद खरीद सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सरकार का कहना था कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

सीमा बढ़ाने से किसानों को अपनी अधिक उपज बेचने का अवसर मिला और खरीद प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया।

किसानों को मिली राहत

खरीद सीमा बढ़ने के बाद कई किसानों को अपनी मूंग की फसल बेचने का मौका मिला। इससे किसानों को बाजार में कम कीमत मिलने की चिंता से राहत मिली।

किसानों का कहना था कि सरकार का फैसला उनकी मांगों के अनुरूप है, हालांकि वे चाहते हैं कि भविष्य में भी खरीद व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।

आगे की व्यवस्था पर नजर

मूंग खरीद प्रक्रिया के अनुभव के बाद सरकार अब आगे की कृषि खरीद व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा कर सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि किसानों को समय पर भुगतान, बेहतर खरीद केंद्र और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

मूंग खरीद को लेकर हुए विवाद ने एक बार फिर किसानों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को सामने रखा है।

फिलहाल खरीद सीमा बढ़ाने के बावजूद राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

Next Story