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भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों पर भर्ती के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा-2025 के तीसरे चरण का आयोजन रविवार को किया। इस चरण में चार विषयों के कुल 399 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए करीब 12 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से लगभग 7 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह परीक्षा केंद्रों पर कुल उपस्थिति करीब 58 प्रतिशत दर्ज की गई।
तीसरे चरण की परीक्षा में इतिहास, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान विषयों को शामिल किया गया। इनमें इतिहास के 56 पद, गणित के 107 पद, भौतिकी के 120 पद और रसायन विज्ञान के 116 पद शामिल हैं। इन सभी विषयों को मिलाकर कुल 399 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
परीक्षा के लिए कुल 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। आवेदन करने वाले करीब 12 हजार अभ्यर्थियों में से लगभग 7 हजार परीक्षा देने पहुंचे। इस हिसाब से बड़ी संख्या में उम्मीदवार परीक्षा से अनुपस्थित भी रहे। आयोग की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए थे।
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए MPPSC ने तीन-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले प्रत्येक उम्मीदवार को निर्धारित जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र का मिलान किया गया।
पहचान सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया गया। इसके साथ ही एडमिट कार्ड को स्कैन किया गया, ताकि परीक्षा में वास्तविक उम्मीदवार की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके। परीक्षा व्यवस्था में पहचान से संबंधित गड़बड़ी रोकने पर विशेष जोर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से भी अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग की गई। इसका उद्देश्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य संदिग्ध सामग्री को परीक्षा कक्ष तक पहुंचने से रोकना था। जांच के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया।
तीन स्तरों पर की गई जांच के कारण उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना जरूरी था। एडमिट कार्ड की जांच, फोटो पहचान पत्र का मिलान, मेटल डिटेक्टर स्क्रीनिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की स्कैनिंग पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को उनके निर्धारित परीक्षा कक्ष तक भेजा गया।
सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण है। तीसरे चरण में सबसे अधिक पद भौतिकी विषय में हैं। भौतिकी के लिए 120 रिक्तियां रखी गई हैं। इसके बाद रसायन विज्ञान में 116 और गणित में 107 पद हैं। इतिहास विषय में 56 पदों पर भर्ती होनी है।
चारों विषयों के कुल पदों की संख्या 399 है। ऐसे में परीक्षा में शामिल हुए करीब सात हजार उम्मीदवार इन पदों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। हालांकि अलग-अलग विषयों में पदों और अभ्यर्थियों की संख्या अलग होने के कारण वास्तविक प्रतिस्पर्धा भी विषय के अनुसार अलग होगी।
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा-2025 की भर्ती प्रक्रिया के तहत सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पद भरे जाने हैं। तीसरे चरण की परीक्षा पूरी होने के बाद अब उम्मीदवारों की नजर आगे की प्रक्रिया पर रहेगी। परीक्षा के परिणाम और भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण से संबंधित जानकारी आयोग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी की जाएगी।
इस बार परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है। उम्मीदवार की पहचान से लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश तक कई स्तर पर सत्यापन की व्यवस्था इसी उद्देश्य से की गई। बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि आवेदन करने वाला उम्मीदवार ही परीक्षा देने पहुंचे।
इसी तरह फोटो पहचान पत्र और एडमिट कार्ड का मिलान उम्मीदवार की पहचान की दूसरी महत्वपूर्ण प्रक्रिया रही। एडमिट कार्ड स्कैनिंग से परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिली। मेटल डिटेक्टर से स्क्रीनिंग का उद्देश्य किसी भी प्रतिबंधित उपकरण के प्रवेश को रोकना था।
कुल 30 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 58 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज होना भी महत्वपूर्ण है। करीब 12 हजार आवेदन के मुकाबले लगभग सात हजार उम्मीदवारों के पहुंचने का मतलब है कि आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि आयोग की ओर से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई।
इतिहास, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषय सरकारी कॉलेजों में उच्च शिक्षा से सीधे जुड़े हुए हैं। इन विषयों में 399 पदों पर होने वाली नियुक्तियां भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगी।
फिलहाल तीसरे चरण की परीक्षा संपन्न होने के बाद अभ्यर्थियों को आगे की आधिकारिक प्रक्रिया का इंतजार है। परिणाम घोषित होने से पहले परीक्षा से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। उम्मीदवारों को आयोग की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी होगी।
MPPSC की असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा-2025 के तीसरे चरण में लगभग सात हजार अभ्यर्थियों की भागीदारी और तीन-स्तरीय सुरक्षा जांच इस परीक्षा की प्रमुख बातें रहीं। अब 399 पदों के लिए आगे की चयन प्रक्रिया पर उम्मीदवारों की नजर रहेगी।





