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Rangpanchami 2025 : रंगपंचमी की धूम : गीत-संगीत में झूमे नेता कार्यकर्ता

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रंगपंचमी का उल्लास पूरे शबाब पर रहा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष के आवास पर जबरदस्त रंगारंग आयोजन हुआ, जहां नेता प्रतिपक्ष और अन्य दिग्गज नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ होली गीत गाए और जमकर थिरके। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था।
रंगों में सराबोर हुआ कांग्रेस का मंच
रंगपंचमी के अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और गुलाल की उड़ान के बीच नेता प्रतिपक्ष ने पूर्व मंत्री कमलनाथ पटवारी के साथ मिलकर होली के पारंपरिक गीत गाए। इस आयोजन में प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने नाच-गाने और होली की मस्ती में पूरी तरह से भाग लिया।
राजनीतिक और सांस्कृतिक माहौल एक साथ
रंगों की इस फुहार के बीच राजनीतिक संदेश भी छिपा था। नेताओं ने मंच से संगठन की मजबूती और एकता पर जोर दिया, जिससे आगामी चुनावों के मद्देनजर कार्यकर्ताओं का जोश बढ़े।
- PCC चीफ ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि कांग्रेस परिवार की एकता का प्रतीक है।
- नेता प्रतिपक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा, "जैसे रंगों को कोई रोक नहीं सकता, वैसे ही कांग्रेस को कोई पीछे नहीं कर सकता।"
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मंच से आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का संदेश दिया।
भोपाल में रंगपंचमी का जलवा
भोपाल समेत पूरे प्रदेश में रंगपंचमी का उत्सव भव्य तरीके से मनाया गया। जगह-जगह गुलाल उड़ता दिखा, DJ पर गाने बजे और लोग सड़कों पर जमकर नाचे।
- राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस का यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया।
- कार्यकर्ताओं ने इसे कांग्रेस के मनोबल को ऊंचा करने का प्रयास बताया।
- इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ने यह संकेत देने की कोशिश की कि पार्टी में अब भी जोश और ऊर्जा बरकरार है।
क्या है रंगपंचमी का महत्व?
रंगपंचमी होली के पांचवें दिन मनाई जाती है, जो खासतौर पर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोकप्रिय है। इस दिन सार्वजनिक रूप से रंगों से होली खेली जाती है, और लोग रंगों और गुलाल से एक-दूसरे को सराबोर करते हैं।
रंगों की सियासत और आगामी चुनाव
रंगों में सजी यह कांग्रेस की होली कहीं ना कहीं राजनीतिक संदेश देने का भी जरिया बनी। आगामी चुनावों से पहले इस तरह की एकता और जश्न पार्टी को मजबूती देने के लिए अहम माने जा रहे हैं।
निष्कर्ष:
भोपाल में हुई इस रंगपंचमी की गेर ने राजनीति और उत्सव को एक साथ जोड़ दिया। जहां एक ओर होली के रंगों ने माहौल को खुशनुमा बनाया, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने संगठन की मजबूती का संदेश दिया।





