मध्य प्रदेश

विंध्य-महाकौशल में बारिश का कहर, सतना-चित्रकूट-डिंडौरी में नदी-नाले उफान पर

Kavita2
20 Aug 2026 2:45 PM IST
विंध्य-महाकौशल में बारिश का कहर, सतना-चित्रकूट-डिंडौरी में नदी-नाले उफान पर
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सतना/चित्रकूट/डिंडौरी। विंध्य और महाकौशल अंचल में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सतना, चित्रकूट और डिंडौरी में निचले क्षेत्रों में पानी भरने के साथ कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी इस सीजन के सबसे ऊंचे जलस्तर पर पहुंच गई, जबकि डिंडौरी में खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण डिंडौरी-समनापुर-बिछिया मार्ग को पूरी तरह बंद करना पड़ा।

लगातार बारिश के चलते प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। कई स्थानों पर पानी सड़कों और पुलों के ऊपर से बहने के कारण वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चित्रकूट में मंदाकिनी ने दिखाया रौद्र रूप

चित्रकूट में लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 130 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नदी का पानी तेज बहाव के साथ आसपास के इलाकों में फैल गया। रामघाट, भरतघाट और लंका तिराहा समेत कई इलाके जलमग्न हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ गलियों में नाव चलाने की नौबत आ गई।

मंदाकिनी के बढ़े जलस्तर का सबसे अधिक असर नदी के आसपास बसे क्षेत्रों और बाजारों पर पड़ा है। करीब 200 दुकानों और सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। पानी दुकानों और मकानों में घुसने के कारण स्थानीय लोगों को सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

रामघाट क्षेत्र में नदी का पानी बढ़ने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जिन स्थानों पर आम दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है, वहां अब पानी का कब्जा है। नदी के तेज बहाव को देखते हुए लोगों को नदी के किनारे जाने से रोकने के लिए प्रशासन को भी सतर्क रहना पड़ रहा है।

गलियों में नाव चलाने की नौबत

चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ निचले इलाकों की गलियों में नाव चलानी पड़ी। पानी घरों और दुकानों तक पहुंचने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जरूरत महसूस हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पानी तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई।

बाढ़ के पानी ने व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया है। बड़ी संख्या में दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। दुकानदारों ने सामान को ऊंचे स्थानों पर रखने और पानी से बचाने की कोशिश की। कई घरों में भी पानी घुसने के बाद परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।

डिंडौरी में खरमेर नदी ने रोका रास्ता

डिंडौरी में भी लगातार बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। खरमेर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इसके चलते डिंडौरी-समनापुर-बिछिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। पानी के तेज बहाव को देखते हुए वाहन चालकों को पुल पार करने से रोक दिया गया है।

इस मार्ग के बंद होने से आसपास के गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। रास्ता बंद होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि, जलस्तर कम होने तक इस मार्ग पर यातायात बहाल करना जोखिम भरा माना जा रहा है।

सतना में भी बिगड़े हालात

सतना जिले में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में पानी जमा हो गया है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे पुल और रपटे पानी में डूबने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

बारिश का असर शहरी इलाकों में भी देखने को मिला है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने वाले स्थानों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है।

प्रशासन की बढ़ी चुनौती

लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के साथ लोगों को नदी और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। जिन मार्गों पर पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, वहां यातायात रोकना जरूरी हो गया है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां जरूरी हैं। वहीं, नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी लगातार बदलते जलस्तर पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का बहाव तेज है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुलों को पार करने की कोशिश न करें। खासकर दोपहिया और छोटे वाहनों से तेज बहाव वाले रास्तों को पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।

फिलहाल विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में बारिश का दौर लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने और डिंडौरी में खरमेर नदी के पुल के ऊपर बहने से हालात गंभीर नजर आ रहे हैं। सतना में भी जलभराव और आवागमन बाधित होने से जनजीवन प्रभावित है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर प्रशासन और लोगों की नजर बनी हुई है।

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