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दो दिन की बारिश से उफान पर क्वारी नदी पुल डूबा ट्रैफिक बंद

श्योपुर। मध्य प्रदेश में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बाद क्वारी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में पानी बढ़ने से विजयपुर और आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाकों में घर, दुकानें और सड़कें पानी से प्रभावित हुई हैं। वहीं विजयपुर-टेट्रा मार्ग पर बना पुल पानी में डूब जाने के कारण प्रशासन ने इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
शनिवार को इलाके की स्थिति का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें क्वारी नदी का पानी पुल के ऊपर से बहता दिखाई दे रहा है। आसपास के कई मकान भी पानी से घिरे नजर आ रहे हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्थिति चिंता का कारण बनी हुई है।
दो दिनों की बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
Sheopur, Madhya Pradesh: Two days of continuous rain have caused rivers and streams to overflow in Sheopur. The Awdha Dam has also overflowed, while the Kwari River in Vijaypur has reached the danger mark. The upper bridge has been submerged, forcing the Vijaypur-Tetra route to… pic.twitter.com/PRQWnu5uCg
— IANS (@ians_india) September 5, 2026
क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक हुई बारिश के कारण क्वारी नदी में पानी की आवक बढ़ गई। इसके बाद नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर जाने लगा।
नदी के किनारे और निचले क्षेत्रों में पानी फैलने से विजयपुर तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
बारिश का पानी और नदी का बढ़ता जलस्तर स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी है जहां मकान और दुकानें नदी या निचले हिस्सों के करीब हैं।
पानी में डूबा विजयपुर-टेट्रा मार्ग का पुल
क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने का सबसे बड़ा असर विजयपुर-टेट्रा मार्ग पर देखने को मिला है। यहां बना पुल बाढ़ के पानी में डूब गया है।
पुल के ऊपर पानी आने के बाद इस रास्ते से गुजरना खतरनाक हो गया। इसे देखते हुए अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर यातायात रोक दिया है।
पानी कम होने और पुल से सुरक्षित आवाजाही की स्थिति बनने के बाद ही यातायात बहाल किए जाने की संभावना है।
प्रशासन ने रोकी वाहनों की आवाजाही
पुल पर पानी आने के बावजूद वाहन निकालने की कोशिश बड़े हादसे का कारण बन सकती है। तेज बहाव में वाहन के बहने का खतरा रहता है।
इसी वजह से प्रशासन ने विजयपुर-टेट्रा मार्ग पर यातायात बंद कर दिया है।
लोगों से भी जलमग्न पुल या सड़क पार करने का जोखिम नहीं लेने की अपेक्षा की जा रही है। नदी का जलस्तर कम होने तक वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना सुरक्षित होगा।
वीडियो में दिखी बाढ़ की स्थिति
शनिवार को सामने आए वीडियो में क्षेत्र की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में पुल का बड़ा हिस्सा बाढ़ के पानी में डूबा नजर आता है।
इसके अलावा आसपास के कई घर भी पानी से घिरे दिखाई दे रहे हैं। नदी के आसपास फैले पानी से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगातार बारिश ने क्षेत्र में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है।
वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में बढ़ते जलस्तर की स्थिति चर्चा में आ गई है।
घर और दुकानें प्रभावित
नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैलने से कई घर और दुकानें प्रभावित हुई हैं।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए घरों के आसपास पानी जमा होना बड़ी परेशानी बन गया है। पानी बढ़ने की स्थिति में घरेलू सामान और संपत्ति को नुकसान होने की आशंका भी बनी रहती है।
दुकानों के आसपास पानी पहुंचने से व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
सड़क संपर्क पर पड़ा असर
पुल डूबने से विजयपुर-टेट्रा मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पुल और मुख्य सड़कें संपर्क व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं। इनके जलमग्न होने से आसपास के गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो सकता है।
ऐसी स्थिति में जरूरी सेवाओं और दैनिक आवागमन के लिए लोगों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ते हैं।
नदी किनारे के क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
क्वारी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो नदी में पानी की आवक और बढ़ सकती है। ऐसे में निचले क्षेत्रों में जलभराव का दायरा भी बढ़ने की आशंका रहती है।
नदी का पानी कम होने तक प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
जलमग्न पुल पार करना हो सकता है खतरनाक
बारिश और बाढ़ के दौरान अक्सर लोग कम पानी समझकर पुल या सड़क पार करने की कोशिश करते हैं, लेकिन पानी के तेज बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
पुल के ऊपर बहता पानी सड़क की वास्तविक स्थिति को भी छिपा देता है। सड़क क्षतिग्रस्त होने या गड्ढे बनने की स्थिति में दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
इसी कारण प्रशासन द्वारा यातायात रोकने का फैसला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर बारिश का ज्यादा असर
लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और रोजमर्रा की गतिविधियों पर ज्यादा दिखाई देता है।
खेतों और निचली जमीनों में पानी भरने के साथ छोटी नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
यदि बारिश लंबे समय तक जारी रहती है तो फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका हो सकती है। हालांकि मौजूदा जानकारी में कृषि नुकसान का विस्तृत आकलन सामने नहीं आया है।
पानी उतरने के बाद होगा नुकसान का आकलन
बाढ़ जैसी परिस्थितियों में वास्तविक नुकसान का आकलन अक्सर पानी कम होने के बाद ही हो पाता है।
घर, दुकान, सड़क और पुलों को कितना नुकसान हुआ है, यह जलस्तर सामान्य होने के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही को नियंत्रित रखने की है।
स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण विजयपुर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सावधानी बेहद जरूरी है।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी, नालों और जलमग्न सड़कों के आसपास जाने से रोकना चाहिए।
बाढ़ के पानी में तेज बहाव के साथ गड्ढे, बिजली के तार या अन्य खतरे दिखाई नहीं देते, इसलिए अनावश्यक रूप से पानी में उतरना जोखिम भरा हो सकता है।
मौसम पर टिकी निगाहें
अब सबसे ज्यादा नजर आने वाले दिनों के मौसम पर रहेगी। बारिश कम होने पर क्वारी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आ सकता है, लेकिन जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश होने पर स्थिति दोबारा गंभीर हो सकती है।
प्रभावित इलाकों में पानी कम होने के बाद ही सामान्य आवागमन पूरी तरह बहाल हो सकेगा।
फिलहाल विजयपुर-टेट्रा मार्ग का पुल पानी में डूबने के कारण बंद है और लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
लगातार दो दिनों की बारिश के बाद पैदा हुए इन हालात ने एक बार फिर दिखाया है कि नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में जनजीवन कितनी तेजी से प्रभावित हो सकता है।





