मध्य प्रदेश

खड़े हनुमान मंदिर को लेकर उज्जैन में प्रदर्शन

Kavita2
17 Sept 2026 11:44 AM IST
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर उज्जैन में प्रदर्शन
x

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर बुधवार को सकल हिंदू समाज ने बड़ा प्रदर्शन किया। सराफा बाजार स्थित मंदिर को सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित योजना के दौरान हटाए जाने की आशंका के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे। प्रदर्शन में संतों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मंदिर को उसकी वर्तमान जगह पर ही रहने दिया जाए। मंदिर से कंथल चौराहे तक करीब एक किलोमीटर के मार्ग पर हजारों लोग एकत्र हुए और प्रशासन से मंदिर को सुरक्षित रखने की अपील की।

संतों ने मंच से दिलाई शपथ

प्रदर्शन के दौरान संतों ने मंच से मौजूद भक्तों को शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से मंदिर की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।

संतों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंदिर को हटाने की कोई कार्रवाई की जाती है तो वह दिन के उजाले में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की कार्रवाई को लेकर समाज अपनी आवाज उठाएगा।

मंच से संबोधित करते हुए संतों ने कहा, "हम अपनी छाती पर गोली खाने को तैयार हैं।" उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

5 हजार से ज्यादा लोग हुए शामिल

सकल हिंदू समाज के इस प्रदर्शन में 5,000 से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। मंदिर से लेकर कंथल चौराहे तक लोगों की भीड़ नजर आई।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए और प्रशासन से मंदिर को नहीं हटाने की अपील की। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

सड़क चौड़ीकरण योजना को लेकर विरोध

जानकारी के मुताबिक, उज्जैन के सराफा बाजार क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित योजना के तहत कुछ निर्माणों को लेकर चर्चा चल रही है। इसी क्रम में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी और विरोध शुरू हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर लंबे समय से आस्था का केंद्र है और इसे हटाने के बजाय योजना में बदलाव किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि विकास कार्यों के साथ धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखा जाए।

संतों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान संतों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगली बार 5,000 नहीं बल्कि 50,000 भक्तों को एकत्र किया जाएगा।

उन्होंने प्रशासन से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील भी की। संतों का कहना था कि किसी भी निर्णय से पहले समाज और श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझना जरूरी है।

प्रशासन की भूमिका पर नजर

मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अभी किसी अंतिम कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन के सामने अब सड़क विकास योजना और धार्मिक स्थल से जुड़े मुद्दे के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। स्थानीय स्तर पर लोगों की भावनाओं और विकास कार्यों दोनों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की बात कही जा रही है।

धार्मिक आस्था और विकास के बीच संतुलन की मांग

उज्जैन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर माना जाता है और यहां कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं। ऐसे में धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी भी बदलाव को लेकर स्थानीय लोगों की भावनाएं जुड़ जाती हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके लिए धार्मिक स्थलों की पहचान और महत्व को भी सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से वैकल्पिक समाधान तलाशने की मांग की है।

फिलहाल खड़े हनुमान मंदिर को लेकर विवाद जारी है और सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर बनी हुई है।

Next Story