मध्य प्रदेश

भोपाल में आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों का प्रदर्शन

Ratna Netam
28 Sept 2026 2:33 PM IST
भोपाल में आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों का प्रदर्शन
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भोपाल : मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों के तहत काम करने वाले क्लास IV के आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय के पास पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांग न्यूनतम वेतन लागू करने और लंबे समय से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे सरकारी विभागों में लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों की तरह सुविधाएं और वेतन नहीं मिल रहा है।
दो दिन तक चलेगा विरोध प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, क्लास IV के आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारी 28 और 29 सितंबर को दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में स्कूल शिक्षा विभाग और आदिवासी मामलों के विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।इनमें स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों में सेवाएं देने वाले पार्ट टाइम क्लास IV कर्मचारी, रसोइए, चपरासी, सफाई कर्मचारी, चौकीदार और पंप ऑपरेटर शामिल हैं।कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विभागों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उनकी नौकरी को स्थायी दर्जा नहीं दिया गया है। इसके अलावा उन्हें मिलने वाला मानदेय भी उनकी जरूरतों के अनुसार पर्याप्त नहीं है।
न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें न्यूनतम वेतन का लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद उनके वेतन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।कर्मचारियों ने कहा कि वे सरकारी संस्थानों में साफ-सफाई, सुरक्षा, भोजन व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं। इसके बावजूद उनकी सेवाओं को अस्थायी श्रेणी में रखा गया है।उन्होंने मांग की कि वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्हें नियमित किया जाए और नौकरी की स्थिरता दी जाए।
विभिन्न विभागों में दे रहे सेवाएं
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी स्कूल शिक्षा और आदिवासी मामलों के विभागों के तहत आने वाले स्कूलों, हॉस्टलों और आश्रमों में काम करते हैं। इनमें कई कर्मचारी लंबे समय से बच्चों की देखभाल, भोजन व्यवस्था, सफाई और सुरक्षा जैसे कार्यों से जुड़े हुए हैं।कर्मचारियों का कहना है कि वे विभागों की जरूरतों के अनुसार लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नौकरी की सुरक्षा नहीं मिल रही है।
सरकार से समाधान की उम्मीद
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार से जल्द बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करना है, ताकि लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया जा सके।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
राजधानी भोपाल में प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के जुटने के कारण मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चले और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।फिलहाल कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब नजर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।
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