- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- MP वक्फ बोर्ड नियुक्ति...
MP वक्फ बोर्ड नियुक्ति पर विरोध, नमाजियों ने बांधी काली पट्टी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : नए गठित वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को भोपाल की ऐतिहासिक ताज-उल-मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मध्य प्रदेश सरकार के उस फैसले पर आपत्ति जताई, जिसके तहत राज्य के नए वक्फ बोर्ड में पहली बार दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने इसे वक्फ बोर्ड की परंपरा और स्वरूप से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
नए वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है। इस नए बोर्ड में इंदौर के मनोज मालपानी और गुना जिले के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में आई क्योंकि देश में पहली बार किसी राज्य वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया गया है। सरकार के इस कदम के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है।
ताज-उल-मस्जिद में सांकेतिक विरोध
आयोजकों के अनुसार, शुक्रवार की नमाज के लिए भोपाल के अलग-अलग इलाकों से लोग ताज-उल-मस्जिद पहुंचे। इस दौरान कुछ लोगों ने सरकार के फैसले के विरोध में अपने हाथों पर काली पट्टी बांधी।
आयोजकों ने इसे शांतिपूर्ण और सांकेतिक विरोध बताया। उनका कहना है कि यह कदम सरकार तक अपनी आपत्ति पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विरोध करने वालों की क्या है आपत्ति
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि वक्फ बोर्ड धार्मिक संपत्तियों और उनसे जुड़े मामलों के प्रबंधन के लिए बनाया गया संस्थान है। उनका तर्क है कि बोर्ड की संरचना में धार्मिक समुदाय से जुड़े प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सरकार इस फैसले पर विचार करे और वक्फ बोर्ड की संरचना को लेकर समुदाय की चिंताओं को सुने।
सरकार के फैसले के पक्ष में तर्क
वहीं, सरकार की ओर से वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर अलग तर्क दिए गए हैं। समर्थकों का कहना है कि इससे बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी उपयोगी हो सकती है।
वक्फ बोर्ड को लेकर देशभर में चर्चा
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का मुद्दा केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। देशभर में वक्फ संपत्तियों, उनके प्रबंधन और बोर्ड की संरचना को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है।
हाल के वर्षों में वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर कई सुधारों पर भी चर्चा हुई है।
प्रशासन की नजर रही हालात पर
ताज-उल-मस्जिद में जुमे की नमाज और विरोध को देखते हुए प्रशासन सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि विरोध शांतिपूर्ण रहा और कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रही।
आगे भी जारी रह सकती है प्रतिक्रिया
वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर मुस्लिम संगठनों और समुदाय के कुछ वर्गों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक व सामाजिक चर्चा होने की संभावना है।
फिलहाल भोपाल में हुआ यह विरोध सांकेतिक रहा, लेकिन इससे मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के नए गठन को लेकर बहस तेज हो गई है। अब नजर सरकार और संबंधित पक्षों की आगे की प्रतिक्रिया पर रहेगी।





