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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री अटल बिहारी गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज (GACC) में विकसित भारत 2047 प्लान 2026-27 के तहत महिला सशक्तिकरण को लेकर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स को महिलाओं के विकास, नेतृत्व क्षमता और सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
यह कार्यक्रम कॉलेज की 9 एमपी बटालियन एनसीसी यूनिट और महिला सशक्तिकरण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अस्मिता, अद्वैत और अदिति जैसे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाले अभियानों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ममता चंद्रशेखर ने की। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर और महिला सशक्तिकरण समिति की संयोजक डॉ. संध्या गोयल ने एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और उनके उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. संध्या गोयल ने विशेष रूप से नई रोशनी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि यह योजना अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए शुरू किया गया एक नेतृत्व विकास कार्यक्रम है। इस योजना का उद्देश्य शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि नई रोशनी योजना के तहत महिलाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता, कानूनी अधिकार, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, स्वच्छ भारत अभियान और जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करते हैं। इससे महिलाएं अपने अधिकारों को समझ पाती हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि महिला सशक्तिकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महिलाओं को निर्णय लेने की क्षमता, आर्थिक स्वतंत्रता और नेतृत्व कौशल प्रदान करना भी शामिल है।
कार्यक्रम में अस्मिता, अद्वैत और अदिति अभियानों पर भी चर्चा की गई। इन अभियानों का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता को पहचानना, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।
एनसीसी कैडेट्स ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं में जागरूकता फैलाने में एनसीसी की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि कैडेट्स अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का कार्य कर सकते हैं।
कॉलेज प्रशासन ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं और महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। महिला सशक्तिकरण के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।
कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों ने भी महिला अधिकारों, सरकारी योजनाओं और आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। विशेषज्ञों ने उनके सवालों के जवाब देकर उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राओं को सरकार की योजनाओं और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों की जानकारी मिलती रहे।
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रशासन ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। आयोजन को सफल बनाने में एनसीसी यूनिट और महिला सशक्तिकरण समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस विशेष व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश के विकास की महत्वपूर्ण भागीदार हैं। शिक्षा, कौशल और जागरूकता के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती हैं।





