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नलखेड़ा कार हादसे में 8 मौतों पर राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख

भोपाल। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में हुए दर्दनाक कार हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया है। बारिश के कारण उफनते नाले में कार बह जाने से ओडिशा के सात पर्यटकों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे को राष्ट्रपति ने बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को धैर्य और शक्ति मिलने की कामना की।
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में हुई कार दुर्घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। सभी शोक-संतप्त परिवार-जनों के प्रति मैं गहन शोक संवेदनाएँ व्यक्त करती हूँ।
— President of India (@rashtrapatibhvn) September 19, 2026
भारी बारिश के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह हादसा आगर मालवा जिले के नलखेड़ा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पास हुआ। क्षेत्र में भारी बारिश के कारण नाला उफान पर था। इसी दौरान एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई।
बताया जा रहा है कि कार में सवार लोग पर्यटक थे और मंदिर दर्शन के लिए आए थे। अचानक आए तेज पानी के बहाव के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा और कार नाले में बह गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए। काफी प्रयासों के बाद कार को बाहर निकाला गया, लेकिन उसमें सवार लोगों को बचाया नहीं जा सका।
ओडिशा के थे अधिकांश पर्यटक
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में ओडिशा के सात पर्यटक शामिल थे। एक अन्य व्यक्ति भी हादसे का शिकार हुआ। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों की पहचान और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख जताया और प्रशासन से बारिश के मौसम में ऐसे खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
राष्ट्रपति ने जताया दुख
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि मध्य प्रदेश में हुई यह घटना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके लिए प्रार्थना की।
राष्ट्रपति की ओर से संवेदना व्यक्त किए जाने के बाद हादसा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। कई अन्य नेताओं और लोगों ने भी घटना पर दुख जताया।
बारिश के मौसम में बढ़ा खतरा
मानसून के दौरान कई क्षेत्रों में नदी, नाले और छोटे जलस्रोत उफान पर आ जाते हैं। ऐसे में तेज बहाव वाले स्थानों से गुजरना जोखिम भरा हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले रास्तों से बचना चाहिए। प्रशासन भी लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील करता है।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद बारिश के मौसम में पर्यटक स्थलों और जलभराव वाले क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी जरूरी मानी जाती है।
हादसे ने छोड़ी गहरी छाप
नलखेड़ा का यह हादसा कई परिवारों के लिए गहरा दुख लेकर आया है। घूमने और धार्मिक यात्रा पर निकले लोगों की अचानक मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
राष्ट्रपति सहित कई लोगों ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त की है। फिलहाल प्रशासन हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।





