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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से की नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील

Kavita2
29 July 2026 11:33 AM IST
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से की नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील
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नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि जब भी वह राष्ट्रपति भवन में या देश के विभिन्न राज्यों के दौरे के दौरान युवाओं से मिलती हैं, तो उन्हें हमेशा नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने और राष्ट्र एवं समाज की प्रगति के लिए काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके विचार, ऊर्जा तथा प्रतिभा भारत के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राष्ट्रपति ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के साथ-साथ अच्छे संस्कार, ईमानदारी, जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां ही महत्वपूर्ण नहीं होतीं, बल्कि समाज और देश के प्रति योगदान की भावना भी उतनी ही आवश्यक है।

युवाओं को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी शक्ति है। युवा अपनी मेहनत, ज्ञान और नवाचार के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने लक्ष्यों को हासिल करने के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी कार्य करें।

उन्होंने कहा कि देश का विकास केवल आर्थिक प्रगति से नहीं होता, बल्कि उसमें सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवाओं को इन मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

नैतिक मूल्यों की भूमिका पर दिया जोर

राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में नैतिक मूल्यों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं से सत्य, अनुशासन, करुणा और जिम्मेदारी जैसे गुणों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में तकनीक और ज्ञान का महत्व लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इनके साथ नैतिक सोच का होना भी जरूरी है। यदि युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक दिशा में करते हैं, तो वे समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

देशभर के युवाओं से संवाद करती हैं राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बताया कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रमों और विभिन्न राज्यों के दौरों के दौरान उन्हें युवाओं से मिलने का अवसर मिलता रहता है। इन मुलाकातों में वह युवाओं के विचारों को सुनती हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं में अपार प्रतिभा और उत्साह देखने को मिलता है। गांवों से लेकर शहरों तक युवा अपनी मेहनत और क्षमता के बल पर नए उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

शिक्षा और कौशल विकास पर भी जोर

राष्ट्रपति ने युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ नई क्षमताओं को सीखना जरूरी है। शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर नागरिक बनने का मार्ग भी है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए। विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी देश को मजबूत बना सकती है।

समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील

राष्ट्रपति ने युवाओं से अपील की कि वे अपने आसपास के समाज के प्रति जिम्मेदार बनें। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का छोटा-सा प्रयास भी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपने कार्यों से समाज में बदलाव लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझे और ईमानदारी से उसका पालन करे।

भारत के भविष्य की उम्मीद हैं युवा

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा अपनी रचनात्मकता, मेहनत और नए विचारों के माध्यम से देश को नई पहचान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं में बदलाव लाने की क्षमता है और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ राष्ट्रहित को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह संदेश देश के युवाओं को प्रेरित करने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजबूत और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को नैतिक मूल्यों, जिम्मेदारी और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ना होगा।

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