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इंदौर में सार्वजनिक आयोजनों के लिए अब सिंगल विंडो सिस्टम की तैयारी, मेयर ने कलेक्टर को लिखा पत्र

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में सांस्कृतिक, धार्मिक और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जिला कलेक्टर शिवम वर्मा को पत्र लिखकर सार्वजनिक आयोजनों के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य आयोजकों को अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना, प्रशासनिक समन्वय बेहतर बनाना और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आयोजक एक ही मंच से आवश्यक अनुमतियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही पुलिस, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और यातायात पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की योजना है।
महापौर ने कलेक्टर को लिखा पत्र
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को पत्र लिखकर शहर में सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन से संबंधित अनुमति प्रक्रिया में सुधार की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इंदौर में पूरे वर्ष धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोरंजन से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी होती है।
ऐसे आयोजनों के लिए अलग-अलग विभागों से अनुमति प्राप्त करना जरूरी होता है। इस प्रक्रिया में आयोजकों को कई कार्यालयों से संपर्क करना पड़ता है।
महापौर ने सुझाव दिया कि सभी संबंधित विभागों की अनुमति प्रक्रिया को एक मंच पर लाने से आयोजकों को सुविधा मिलेगी और प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।
एक ही जगह मिलेगी सभी विभागों की मंजूरी
सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम का प्रमुख उद्देश्य सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।
वर्तमान व्यवस्था में कार्यक्रम की प्रकृति के अनुसार आयोजकों को पुलिस, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और यातायात पुलिस सहित विभिन्न अधिकारियों से स्वीकृति लेनी पड़ सकती है।
प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद आयोजकों को एक साझा आवेदन प्रणाली उपलब्ध कराई जा सकती है।
इसके माध्यम से वे कार्यक्रम का स्थान, तारीख, समय, संभावित भीड़ और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही आवेदन में उपलब्ध करा सकेंगे।
संबंधित विभाग आवेदन की जांच कर अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार अनुमति प्रदान करेंगे।
इससे अलग-अलग विभागों के बीच दस्तावेजों के आदान-प्रदान में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है।
नियुक्त किया जाएगा नोडल अधिकारी
महापौर के प्रस्ताव में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात भी शामिल है।
यह अधिकारी सार्वजनिक आयोजनों से संबंधित विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी संभालेगा।
पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच करेगा, जबकि नगर निगम कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक नागरिक सुविधाओं और संबंधित नियमों के पालन की समीक्षा कर सकेगा।
अग्निशमन विभाग आग से सुरक्षा संबंधी इंतजामों का परीक्षण करेगा। वहीं यातायात पुलिस भीड़ और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखकर आवश्यक व्यवस्था निर्धारित करेगी।
नोडल अधिकारी का उद्देश्य इन सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा, ताकि अनुमति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा को मिलेगी प्राथमिकता
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने प्रस्ताव में सार्वजनिक सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका रहती है।
विशेष रूप से बड़ी भीड़ वाले धार्मिक कार्यक्रमों, संगीत समारोहों, प्रदर्शनियों और अन्य आयोजनों में आपातकालीन निकासी, अग्निशमन व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण होते हैं।
यदि संबंधित विभाग आयोजन से पहले ही मिलकर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करें, तो संभावित खतरों की पहचान करना आसान हो सकता है।
इससे आयोजन स्थल पर आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
हाल की घटनाओं से उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
महापौर का यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है, जब सार्वजनिक आयोजनों में हुई कुछ घटनाओं ने सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक समन्वय को लेकर चिंता बढ़ाई है।
भार्गव ने पत्र में कहा कि इस तरह की घटनाएं लोगों की जान खतरे में डाल सकती हैं।
इसके साथ ही लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं का असर शहर की छवि पर भी पड़ता है।
इंदौर देश के प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक शहरों में शामिल है। यहां नियमित रूप से बड़े धार्मिक, सामाजिक और मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
ऐसे में आयोजनों की अनुमति के साथ सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी माना जा रहा है।
ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग की सुविधा का प्रस्ताव
सिंगल-विंडो व्यवस्था के तहत साझा आवेदन और ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने का भी सुझाव दिया गया है।
इस सुविधा से आयोजकों को अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति जानने में मदद मिल सकती है।
यदि किसी विभाग को अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी की आवश्यकता होगी, तो उसकी सूचना निर्धारित प्रणाली के माध्यम से दी जा सकेगी।
इससे आयोजकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाकर आवेदन की स्थिति पूछने की आवश्यकता कम हो सकती है।
प्रस्तावित प्रणाली में अनुमति मिलने या आवेदन पर आपत्ति दर्ज होने की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
हालांकि, आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन तथा अनुमति देने की समयसीमा कितनी होगी, इसकी अंतिम जानकारी प्रशासनिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
कार्यक्रम आयोजकों को मिल सकती है बड़ी राहत
इंदौर में धार्मिक उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, व्यापारिक प्रदर्शनियां, संगीत समारोह और सामाजिक आयोजन बड़ी संख्या में होते हैं।
इन कार्यक्रमों के आयोजकों को कई बार अलग-अलग विभागीय अनुमति प्राप्त करने में समय लग जाता है।
यदि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है, तो आयोजकों को एक ही प्रक्रिया के माध्यम से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करने में सुविधा हो सकती है।
इससे आयोजन की तैयारियां अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सकेंगी।
साथ ही प्रशासन को भी आगामी कार्यक्रमों की जानकारी समय रहते मिल सकेगी, जिससे आवश्यक पुलिस बल, अग्निशमन संसाधन और यातायात व्यवस्था की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
महापौर के प्रस्ताव का एक प्रमुख उद्देश्य अनुमति प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना भी है।
साझा आवेदन प्रणाली होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी आयोजन को किन विभागों से अनुमति की आवश्यकता है और संबंधित आवेदन किस स्तर पर लंबित है।
इसके अलावा अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करने में भी मदद मिल सकती है।
प्रस्तावित व्यवस्था के माध्यम से अनुमति देने की प्रक्रिया अधिक समयबद्ध और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जा सकता है।
इंदौर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में भी बैठक, रैली और जुलूस के लिए अनुमति आवेदन की व्यवस्था उपलब्ध है। प्रस्तावित सिंगल-विंडो सिस्टम का उद्देश्य सार्वजनिक आयोजनों से संबंधित विभिन्न विभागीय स्वीकृतियों को एक साझा प्रक्रिया में लाना है।
अब जिला प्रशासन के निर्णय का इंतजार
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के प्रस्ताव के बाद अब जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
कलेक्टर शिवम वर्मा और संबंधित विभागों के स्तर पर प्रस्ताव की समीक्षा के बाद ही तय होगा कि इसे किस प्रकार लागू किया जाएगा।
यदि सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को मंजूरी मिलती है, तो इसके संचालन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति और आवेदन संबंधी नियमों की रूपरेखा तैयार करनी होगी।
फिलहाल यह व्यवस्था प्रस्ताव के स्तर पर है और इसे लागू किए जाने की औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
इस पहल से इंदौर में सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया सरल होने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ने और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।





