मध्य प्रदेश

40 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर बड़ी बैठक

Ratna Netam
19 Oct 2026 2:13 PM IST
40 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर बड़ी बैठक
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उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों और शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंहस्थ से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन को अभी से व्यापक और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करनी होगी।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में सड़क, परिवहन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ को लेकर विकास कार्यों की समीक्षा की गई है। सिंहस्थ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान लगभग 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालुओं को पवित्र स्नान, आवागमन, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। राज्य सरकार इसी उद्देश्य से विभिन्न विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है।
यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने पर जोर
सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में आने और बाहर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन व्यवस्था की योजना बनाई जाए।भीड़ प्रबंधन, वाहनों की आवाजाही और प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव को कम करने के उपायों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों और स्नान घाटों तक श्रद्धालुओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करना भी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
स्नान घाटों और बुनियादी सुविधाओं का होगा विस्तार
सिंहस्थ में पवित्र क्षिप्रा नदी में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। लाखों श्रद्धालु प्रमुख स्नान पर्वों पर नदी के घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की क्षमता बढ़ाने, साफ-सफाई बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।सिंहस्थ की तैयारियों में पेयजल, बिजली, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और अस्थायी आवास जैसी सुविधाओं का विस्तार भी महत्वपूर्ण होगा। सरकार का प्रयास है कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों।
विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ से संबंधित विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी की जा सकें।उज्जैन में सड़क निर्माण, यातायात सुविधाओं के विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पहले से कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सिंहस्थ की तैयारियों के तहत मेला क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।
उज्जैन को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी बनाने की तैयारी
सिंहस्थ 2028 मध्य प्रदेश सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और प्रशासनिक आयोजन होगा। इस महापर्व के माध्यम से उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में विकास कार्यों की प्रगति और प्रशासनिक तैयारियां सिंहस्थ 2028 की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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