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दतिया उपचुनाव में दिखी सियासी गर्माहट, जीतू पटवारी से मिले आशुतोष तिवारी

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान रविवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में चर्चा छेड़ दी। ग्राम चिरुला में चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की मुलाकात सुर्खियों में रही। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं का एक मंच पर आना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
दरअसल, रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी चिरुला गांव में जनसंपर्क अभियान और नुक्कड़ सभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी अपने समर्थकों के साथ उसी रास्ते से गुजर रहे थे। जैसे ही जीतू पटवारी की नजर आशुतोष तिवारी पर पड़ी, उन्होंने उन्हें आवाज देकर अपनी सभा में बुला लिया।
जीतू पटवारी ने माइक से आशुतोष तिवारी को संबोधित करते हुए कहा, "जय माई की"। इसके जवाब में भाजपा प्रत्याशी ने भी दूर से हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। इसके बाद जीतू पटवारी ने मुस्कुराते हुए कहा कि दूर-दूर से क्यों जा रहे हैं, पास आइए। पहली बार यहां चुनाव लड़ रहे हैं, लोगों से मिलिए। इसके बाद आशुतोष तिवारी सभा स्थल पर पहुंचे।
इस दौरान जीतू पटवारी ने भाजपा प्रत्याशी को अपना माइक थमा दिया। माइक संभालते हुए आशुतोष तिवारी ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन पारिवारिक रिश्तों और पुराने मित्रों का सम्मान हमेशा बना रहता है। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से भाजपा के पक्ष में समर्थन और आशीर्वाद देने की अपील भी की।
आशुतोष तिवारी के संबोधन के बाद जीतू पटवारी ने दोबारा माइक संभाला और अपने अंदाज में तंज कसा। उन्होंने कहा कि आशीर्वाद मांगना उनका अधिकार है। इसके बाद उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने इससे पहले आशुतोष तिवारी को यहां देखा है। इस पर अधिकांश लोगों ने हाथ नहीं उठाया। जीतू पटवारी ने कहा कि यहां तो आपको कोई जानता ही नहीं है।
इस पर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने जवाब देते हुए कहा कि उनका बचपन दतिया में ही बीता है। हालांकि, सभा में मौजूद कुछ कांग्रेस समर्थकों ने उनकी बात से सहमति नहीं जताई। कुछ देर बातचीत के बाद आशुतोष तिवारी वहां से रवाना हो गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे चुनावी माहौल में अलग तरह की राजनीतिक तस्वीर के रूप में देख रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जीतू पटवारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की वंदे भारत ट्रेन में मुलाकात चर्चा में आई थी। दोनों नेताओं की एक ही कोच में सफर करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई थीं।
वहीं, दतिया उपचुनाव में भाजपा ने एक और बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। दतिया राजघराने से जुड़े राहुल राजा की भाजपा में दोबारा वापसी कराई गई है। राहुल राजा को दतिया राजघराने के प्रमुख संरक्षक और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का विरोधी माना जाता है। ऐसे में भाजपा ने उन्हें पार्टी में शामिल कर राजघराने से जुड़े दो प्रमुख चेहरों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में राहुल राजा और शिवसेना के विष्णु दीक्षित को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर शिवसेना जिलाध्यक्ष रवि दीक्षित ने भी भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी भाजपा पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि दतिया उपचुनाव जनता पर थोपा गया है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस चुनाव में भाजपा सरकार को जवाब देगी।
मुकेश नायक ने किसानों, युवाओं, बेरोजगारी और प्रदेश पर बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता अवधेश नायक की पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें जल्द ही संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है।
दतिया उपचुनाव अब केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि इसमें स्थानीय समीकरण, राजघराने की भूमिका और नेताओं के व्यक्तिगत संबंध भी अहम मुद्दे बनते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के दौरान और भी कई सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।





